हिजबुल्लाह ठिकानों पर इज़राइल के हमले तेज.. नेतन्याहू बोले, ‘हम और अधिक प्रहार करेंगे’
लेबनान की राजधानी बेरूत में सोमवार देर रात इज़राइल की वायुसेना ने हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें पूर्वी बेका घाटी के इलाके भी शामिल थे। इसी बीच इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ हमलों को और तेज करने की चेतावनी..
लेबनान की राजधानी बेरूत में सोमवार देर रात इज़राइल की वायुसेना ने हिजबुल्लाह से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया। इनमें पूर्वी बेका घाटी के इलाके भी शामिल थे। इसी बीच इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह के खिलाफ हमलों को और तेज करने की चेतावनी दी है।
नेतन्याहू की यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब हाल के सप्ताहों में हिजबुल्लाह ने दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इज़राइल में इज़राइली बलों के खिलाफ फाइबर ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। इस प्रकार के ड्रोन का व्यापक उपयोग रूस-यूक्रेन युद्ध में भी देखा गया है।
सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में नेतन्याहू ने कहा, “हम उन्हें निशाना बनाएंगे। यह सच है कि वे हमारे खिलाफ फाइबर ऑप्टिक ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इस समस्या पर काम करने के लिए हमारी एक विशेष टीम लगी हुई है और हम इसका समाधान निकाल लेंगे। अभी हमें हमलों की संख्या और तीव्रता दोनों बढ़ानी होंगी। हम उन्हें पूरी ताकत से कुचल देंगे।”
लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी ने बताया कि नेतन्याहू के बयान के बाद बेरूत के दक्षिणी उपनगरों से कुछ लोगों ने पलायन शुरू कर दिया, जहां हिजबुल्लाह का मजबूत प्रभाव माना जाता है। एजेंसी के अनुसार बेका क्षेत्र के मशघारा कस्बे पर भी सोमवार रात कई हवाई हमले किए गए।
वहीं हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने सोमवार को आठ हमले किए, जिनमें उत्तरी इज़राइल के मिसगाव आम क्षेत्र में इज़राइली सैनिकों पर ड्रोन हमला भी शामिल है।
युद्धविराम के बावजूद जारी हैं हमले
दोनों पक्षों के बीच रोजाना हो रहे हमले उस युद्धविराम के बावजूद जारी हैं, जिसकी मध्यस्थता अमेरिका ने की थी और जो 17 अप्रैल से लागू है।
अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि हिजबुल्लाह ने इज़राइल पर गोलीबारी रोकने के लिए की गई कई अपीलों और हालिया अल्टीमेटम को नजरअंदाज किया है। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इज़राइल से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह अपने सैनिकों और नागरिकों पर हो रहे हमलों को चुपचाप सहन करता रहे।
अधिकारी के अनुसार युद्धविराम लागू होने के बाद से हिजबुल्लाह एक हजार से अधिक ड्रोन और 700 से ज्यादा रॉकेट दाग चुका है, ताकि लेबनान और इज़राइल के बीच चल रही वार्ताओं को बाधित किया जा सके। उन्होंने कहा कि “मौजूदा स्थिति अब टिकाऊ नहीं रह गई है।”
तीन दशक बाद शुरू हुई प्रत्यक्ष वार्ता
पिछले महीने लेबनान और इज़राइल ने तीन दशक से अधिक समय बाद पहली प्रत्यक्ष वार्ता शुरू की थी। यह बैठकें वॉशिंगटन डीसी में हुई थीं। दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों की अगली बैठक शुक्रवार को पेंटागन में प्रस्तावित है, जहां युद्धविराम पर चर्चा होगी।
इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका हिजबुल्लाह को निरस्त्र करने की कोशिश कर रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि लेबनान-इज़राइल वार्ता और लेबनान को अमेरिका से संभावित बड़े समर्थन का संकेत, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के लिए खतरा बन गया है। उनके मुताबिक, इससे इज़राइल के खिलाफ “प्रतिरोध” की हिजबुल्लाह की राजनीतिक कहानी भी कमजोर पड़ सकती है।
उन्होंने कहा, “यदि लेबनान सरकार के नेतृत्व में युद्धविराम सफल होता है, तो हिजबुल्लाह अपनी ताकत और अपनी वैचारिक पकड़ दोनों खो देगा।”
दक्षिणी लेबनान में कई मौतें
सोमवार को दक्षिणी लेबनान के कफर रुम्मान गांव पर इज़राइली हवाई हमले में चार लोगों की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। लेबनानी समाचार एजेंसी के अनुसार दक्षिणी क्षेत्रों में अन्य ड्रोन हमलों में भी तीन लोगों की जान गई।
इज़राइली सेना ने दावा किया कि उसने पूरे दिन में हिजबुल्लाह के 70 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया।
मार्च से शुरू हुआ नया संघर्ष
इज़राइल और हिजबुल्लाह के बीच मौजूदा संघर्ष 2 मार्च को शुरू हुआ था, जब हिजबुल्लाह ने उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट दागे थे। यह हमला अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर सैन्य कार्रवाई शुरू करने के दो दिन बाद हुआ था।
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इस संघर्ष में अब तक 3,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। वहीं नेतन्याहू कार्यालय के मुताबिक दक्षिणी लेबनान या उसके आसपास 22 इज़राइली सैनिक और एक रक्षा ठेकेदार की मौत हुई है, जबकि उत्तरी इज़राइल में दो नागरिक भी मारे गए हैं।
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