जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: डिबेट में 'पहलगाम', 'धर्म' और 'फिलिस्तीन' जैसे मुद्दों की गूंज

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रसंघ चुनावों के तहत बुधवार रात आयोजित राष्ट्रपति पद की बहस में पहलगाम आतंकी हमला, धर्म, और फिलिस्तीन मुद्दा केंद्र में रहा..

जेएनयू छात्रसंघ चुनाव: डिबेट में 'पहलगाम', 'धर्म' और 'फिलिस्तीन' जैसे मुद्दों की गूंज
25-04-2025 - 09:22 AM

नयी दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्रसंघ चुनावों के तहत बुधवार रात आयोजित राष्ट्रपति पद की बहस में पहलगाम आतंकी हमला, धर्म, और फिलिस्तीन मुद्दा केंद्र में रहा। यह बहस जेएनयू की लंबे समय से चली आ रही परंपरा का हिस्सा है और इसे विश्वविद्यालय के झेलम मैदान में आयोजित किया गया।

जेएनयू में रात 11:30 बजे ढोल-नगाड़ों की आवाज़ के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में जल्दी ही “आजादीऔर “लाल सलामके नारे गूंजने लगे। मंच के आस-पास “Hindu Lives Matter” जैसे पोस्टर भी दिखाई दिए।

शुरुआती बाधाएं और अनुशासन बहाली

छात्र संगठनों की भारी मौजूदगी के चलते बहस की शुरुआत में लगातार बाधाएं आईं, लेकिन छात्र चुनाव समिति ने डिबेट को स्थगित करने की चेतावनी देकर स्थिति पर नियंत्रण पाया।

 मतदान की जानकारी

  • मतदान की तारीख: शुक्रवार
  • समय: सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और फिर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक
  • मतदाता: कुल 7,906 छात्र
    • 57% पुरुष, 43% महिलाएं
  • परिणाम: सोमवार को घोषित किए जाएंगे

 प्रमुख उम्मीदवारों की बातें:

 ABVP की उम्मीदवार शिखा स्वराज

उन्होंने कहा, जो लोग कहते हैं कि आतंकवाद का कोई धर्म नहीं होता, उनसे पूछती हूं—क्या मरने वालों से उनके धर्म के बारे में नहीं पूछा गया था?”

AISA के नितीश कुमार

उन्होंने पलटवार करते हुए कहा, “CAA-NRC लागू हो चुका है, संसद में विपक्ष को आंख उठाकर बोलने नहीं दिया जाता, और वहीं अंबेडकर का अपमान करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं होती।”

 SFI की चौधरी तैयबा अहमद

उनका भाषण ABVP के व्यवधानों से बार-बार बाधित हुआ। उन्होंने कहा, आज सबसे बड़ा खतरा उदारीकरण को कॉरपोरेट हिंदुत्व से है। वे हिंसा की राजनीति कर रहे हैं।”

 NSUI के प्रदीप ढाका

वे मंच पर पूरे जोश में दिखे और उन्होंने फिलिस्तीन, मणिपुर और बिलकिस बानो जैसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को जोड़ते हुए सरकार पर निशाना साधा।

आम मुद्दे

अधिकतर भाषणों में प्रशासन की विफलताएं, शैक्षणिक संसाधनों की कमी और छात्रों की ज़रूरतों को नजरअंदाज़ किए जाने की बात प्रमुख रही।

 वाम एकता में दरार

इस बार जेएनयू छात्र राजनीति में बदलाव देखने को मिला:

  • AISA और DSF ने गठबंधन किया
  • SFI, BAPSA, AISF और PSA ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे

 डिबेट के दौरान दो मिनट का मौन पहलगाम हमले के शहीदों की याद में रखा गया।
 यह चुनाव जेएनयू के राजनीतिक माहौल में केवल विचारधाराओं की टकराहट नहीं बल्कि देश और दुनिया के मौजूदा हालातों पर छात्रों की प्रतिक्रियाओं का भी आईना बन गया है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।