‘न्याय अब हुआ है’: शर्मिष्ठा पानौली को अंतरिम जमानत मिलने पर बोले भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी
कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पानौली को कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, अब जाकर न्याय हुआ है..
कोलकाता। कानून की छात्रा शर्मिष्ठा पानौली को कलकत्ता हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “अब जाकर न्याय हुआ है।”
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए शुभेंदु अधिकारी ने लिखा, “ अब न्याय हुआ — कानून की छात्रा, लगभग 22 वर्ष की शर्मिष्ठा पानौली को माननीय कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत दी गई है।”
उन्होंने उनकी गिरफ्तारी को “पुलिस की बर्बरता” बताया और कहा कि उन्हें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार का प्रयोग करने पर गलत तरीके से गिरफ्तार किया गया।
उन्होंने कोलकाता पुलिस पर राजनीतिक नेताओं को खुश करने के लिए काम करने का आरोप लगाया। उनके पोस्ट में कहा गया,“यह एक निर्दोष युवती के साथ पुलिस की बर्बरता का मामला है, जिसे केवल अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग करने के लिए अवैध रूप से गिरफ्तार किया गया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। यह पुलिस के अति उत्साही रवैये और राजनीतिक आकाओं को खुश करने की कोशिश का एक और उदाहरण है।”
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि पानौली जांच में सहयोग करें, देश न छोड़ें और ₹10,000 के निजी मुचलके पर जमानत लें। अदालत ने उनके लिए उचित पुलिस सुरक्षा की भी व्यवस्था करने का आदेश दिया।
उधर, भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल और पश्चिम बंगाल भाजपा लीगल सेल की सदस्य संजुक्ता सामंता ने उस वजाहत खान के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है, जिसने शर्मिष्ठा पानौली के खिलाफ शिकायत की थी। एफआईआर कोलकाता के बालीगंज थाने और हावड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई है।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा, “हां, मैंने वजाहत खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है, जिन्होंने शर्मिष्ठा पानौली के खिलाफ शिकायत दर्ज की थी। मेरा मानना है कि बाबा साहेब डॉ. बीआर अंबेडकर का संविधान पश्चिम बंगाल में भी लागू होता है, और हर समुदाय के लिए समान अधिकार और नियम होने चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वजाहत खान ने देवी माँ कामाख्या और भगवान श्रीकृष्ण के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट की थी। उन्होंने कहा, “अगर कोई मुस्लिम मेरे देवी-देवताओं का अपमान कर रहा है, तो उसके खिलाफ भी वही कार्रवाई होनी चाहिए जो शर्मिष्ठा के खिलाफ हुई। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने वजाहत खान को गिरफ्तार करने के लिए अपनी पुलिस भेज दी है, लेकिन ममता बनर्जी की पुलिस मुस्लिम तुष्टिकरण के चलते वजाहत खान को छिपा रही है और उसे बचा रही है।”
22 वर्षीय शर्मिष्ठा पानौली, जो पुणे की कानून की छात्रा हैं, को 30 मई को कोलकाता पुलिस ने गुरुग्राम से गिरफ्तार किया था। उन पर “ऑपरेशन सिंदूर” पर बनाए एक वीडियो के जरिए धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप है।
बताया गया कि इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया वीडियो एक विशेष धर्म के प्रति आपत्तिजनक था। हालांकि, शर्मिष्ठा ने वह वीडियो 15 मई को हटा लिया था और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी थी।
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