खालिदा जिया का निधन: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री का जीवन, विरासत और राजनीतिक सफर

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का मंगलवार, 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं। बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया ने सुबह 6 बजे अंतिम सांस

खालिदा जिया का निधन: बांग्लादेश की पहली महिला प्रधानमंत्री का जीवन, विरासत और राजनीतिक सफर
30-12-2025 - 10:23 AM

नयी दिल्ली। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया का मंगलवार, 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया ने सुबह 6 बजे अंतिम सांस ली। यह जानकारी पार्टी की ओर से जारी बयान में दी गई।

दो बार प्रधानमंत्री रह चुकीं खालिदा जिया का निधन बांग्लादेश के लोकतांत्रिक इतिहास के एक बेहद अहम मोड़ पर हुआ है। उनके बेटे तारीक रहमान, जिन्हें बांग्लादेश का अगला प्रधानमंत्री बनने का सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, देश में होने वाले ऐतिहासिक आम चुनावों से पहले 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौट आए हैं।

तारीक रहमान वर्ष 2008 से लंदन में रह रहे थे। यदि BNP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती है, तो उनके देश का नया नेता बनने की प्रबल संभावना जताई जा रही है।

तारीक रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है, जब पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को पिछले साल सत्ता से बाहर कर दिया गया था। शेख हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन में रह रही हैं और उनकी पार्टी के चुनावों में हिस्सा लेने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।

कौन थीं बेगम खालिदा जिया?

बेगम खालिदा जिया बांग्लादेश की सबसे प्रभावशाली राजनीतिक हस्तियों में से एक थीं। वह बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की लंबे समय तक अध्यक्ष रहीं और दो बार देश की प्रधानमंत्री बनीं। निर्वासित शेख हसीना के साथ मिलकर उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक बांग्लादेश की राजनीति पर अपना दबदबा बनाए रखा और देश की राजनीति को गहराई से ध्रुवीकृत किया।

खालिदा जिया ने 1991 से 1996 और फिर 2001 से 2006 तक बांग्लादेश की प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। वह बांग्लादेश के इतिहास में पहली महिला प्रधानमंत्री थीं और मुस्लिम दुनिया में (पाकिस्तान की बेनज़ीर भुट्टो के बाद) लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई दूसरी महिला प्रधानमंत्री थीं।

उनका पहला कार्यकाल विशेष रूप से ऐतिहासिक माना जाता है क्योंकि उसी दौरान वर्षों के सैन्य शासन के बाद बांग्लादेश में संसदीय लोकतंत्र की वापसी हुई थी।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

बेगम खालिदा जिया के पिता का संबंध भारत से था। विभाजन के बाद वे भारत के जलपाईगुड़ी से उस समय के पश्चिम पाकिस्तान चले गए थे, जहां वे चाय का व्यवसाय करते थे।

खालिदा जिया ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिनाजपुर गवर्नमेंट गर्ल्स हाई स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने सुरेंद्रनाथ कॉलेज में उच्च शिक्षा हासिल की।

राजनीतिक विरासत

खालिदा जिया को एक ऐसी नेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने बांग्लादेश की राजनीति में महिला नेतृत्व को नई पहचान दी और देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया को आकार देने में अहम भूमिका निभाई। उनका राजनीतिक जीवन संघर्षों, टकरावों और ऐतिहासिक फैसलों से भरा रहा।

उनके निधन के साथ ही बांग्लादेश की राजनीति के एक युग का अंत माना जा रहा है, जिसका प्रभाव आने वाले चुनावों और देश की भविष्य की दिशा पर भी साफ तौर पर दिखाई देगा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।