'कितनी जगह ये कार्ड खेलोगे, घिस चुका है': मुर्शिदाबाद हिंसा पर BJP को RJD का करारा जवाब
दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर सियासी तापमान बढ़ने के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर करारा प्रहार किया है।
नयी दिल्ली। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा को लेकर सियासी तापमान बढ़ने के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने बार-बार हिंदुओं को पीड़ित बताने की भाजपा की रणनीति पर निशाना साधते हुए कहा कि यह ‘कार्ड’ अब घिस चुका है और सामाजिक सौहार्द की जिम्मेदारी केंद्र और राज्य—दोनों की होती है।
भाजपा द्वारा "हिंदुओं के खिलाफ राज्य-प्रायोजित, राज्य-संरक्षित और राज्य-प्रोत्साहित लक्षित हिंसा" के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए झा ने कहा,
“कितनी जगह ये कार्ड खेलोगे, घिस चुका है।”
भाजपा ने वक़्फ़ (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा के लिए ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
एएनआई से बातचीत में मनोज झा ने कहा, “समय आ गया है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी चुप्पी तोड़ें। देश की सामाजिक एकता की जिम्मेदारी केंद्र और सभी राज्य सरकारों की है... क्योंकि अगर देश रहेगा, तभी तो चुनाव होंगे और पार्टियां हारेंगी-जीतेंगी।”
मुर्शिदाबाद की हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है और 150 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। कोलकाता हाईकोर्ट की विशेष पीठ ने इलाके में केंद्रीय बलों की तैनाती का आदेश दिया है। मामला 17 अप्रैल को फिर सुना जाएगा।
जमीन पर, शमशेरगंज, धूलियन और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात है। वक़्फ़ संशोधन अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी, जिसमें मंदिरों में तोड़फोड़, मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने, और हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को जलाने की खबरें सामने आई हैं।
भाजपा प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने ममता सरकार पर तुष्टीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा,
“बंगाल जल रहा है... हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है, मंदिरों में मूर्तियाँ तोड़ी जा रही हैं, भगवा झंडा उतार दिया गया है। ममता बनर्जी को शर्म आनी चाहिए।” उन्होंने इसे स्वामी विवेकानंद की विरासत का अपमान बताया।
इसके उलट, मनोज झा ने शांति और संयम की अपील की। उन्होंने कहा, “जो कुछ हो रहा है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसा नहीं होना चाहिए। मैं सभी से अपील करूंगा कि शांतिपूर्ण प्रतिरोध करें। आइए हम गांधीजी के बताए रास्ते पर चलें।”
झा ने यह भी बताया कि उनकी पार्टी इस मामले में याचिकाकर्ता है और उम्मीद जताई कि “अनुच्छेद 26 की गलत व्याख्या से जो अन्याय हुआ है, उसकी भरपाई होगी।”
उन्होंने यह विश्वास भी जताया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली TMC सरकार स्थिति पर नियंत्रण पा लेगी। इस बीच, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी की ओर से अधिवक्ता अनीश मुखर्जी द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) में केंद्रीय बलों की तैनाती और एनआईए जांच की मांग की गई है। कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य और केंद्र—दोनों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
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