एलपीजी सिलेंडर ₹50 महंगा, सीएनजी ₹1 प्रति किलो बढ़ी; पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क भी बढ़ा
केंद्र सरकार ने सोमवार को घरेलू रसोई गैस (LPG) के दाम ₹50 प्रति सिलेंडर और सीएनजी के दाम ₹1 प्रति किलो बढ़ा दिए। साथ ही, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (excise duty) ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिया है ताकि अपने राजस्व को मजबूत किया जा सके।
एलपीजी सिलेंडर ₹50 महंगा, सीएनजी ₹1 प्रति किलो बढ़ी; पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क भी बढ़ा
नयी दिल्ली | केंद्र सरकार ने सोमवार को घरेलू रसोई गैस (LPG) के दाम ₹50 प्रति सिलेंडर और सीएनजी के दाम ₹1 प्रति किलो बढ़ा दिए। साथ ही, सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क (excise duty) ₹2 प्रति लीटर बढ़ा दिया है ताकि अपने राजस्व को मजबूत किया जा सके।
तेल मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि यह बढ़ोतरी इनपुट लागत में वृद्धि के कारण की गई है और 8 अप्रैल से प्रभावी होगी।
एलपीजी के नए दाम
- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अब 14.2 किलो का सिलेंडर ₹503 से बढ़कर ₹553 का हो गया है (दिल्ली में)।
- सामान्य उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर अब ₹853 का मिलेगा।
- पिछली बार कीमतों में संशोधन मार्च 2023 में किया गया था, जब ₹100 की कटौती की गई थी।
सीएनजी के नए दाम
- दिल्ली और आस-पास के शहरों में सीएनजी ₹1 प्रति किलो महंगी हुई है।
- दिल्ली में अब ₹75.09 प्रति किलो सीएनजी बिकेगी।
- इनपुट गैस की कीमत USD 6.50 से बढ़कर USD 6.75 प्रति MMBTU हो गई है, जिसके कारण यह वृद्धि की गई।
पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी
- पेट्रोल और डीजल पर ₹2 प्रति लीटर उत्पाद शुल्क बढ़ाया गया है।
- इससे सरकार को ₹32,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।
- हालांकि, खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं होगा क्योंकि यह वृद्धि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से उत्पन्न कमी के साथ समायोजित की जाएगी।
तेल कंपनियों के घाटे की भरपाई
पुरी ने कहा कि सरकारी तेल कंपनियाँ (OMCs) LPG की बिक्री पर भारी घाटा उठा रही थीं। उन्होंने बताया, "वित्त वर्ष 2024-25 में LPG पर कुल ₹41,338 करोड़ का अंडर-रिकवरी हुआ है।"
उन्होंने यह भी कहा कि “सऊदी CP (LPG की अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क कीमत) जुलाई 2023 के USD 385 से बढ़कर फरवरी 2025 में USD 629 प्रति टन हो गई है, जिससे दिल्ली में 14.2 किलो सिलेंडर की वाजिब कीमत ₹1,028.50 होनी चाहिए थी।परंतु सरकारी कंपनियाँ अब तक कीमतें "मॉडरेट" कर रही थीं।"
घरेलू खर्च पर प्रभाव
- उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए अब रोजाना ₹6.10 का खर्च आएगा।
- सामान्य उपभोक्ताओं के लिए ₹14.58 प्रति दिन का खर्च होगा।
पुरी ने कहा कि हर माह कीमतों की समीक्षा की जाएगी और यदि अंतरराष्ट्रीय कीमतें नीचे गईं तो लाभ उपभोक्ताओं को दिया जाएगा।
एक्साइज से होने वाला संग्रह
- पेट्रोल-डीजल की खपत सालाना 16,000 करोड़ लीटर है।
- ₹2 प्रति लीटर की दर से सरकार को ₹32,000 करोड़ तक का एक्स्ट्रा रेवेन्यू मिल सकता है।
- जबकि LPG के मूल्यवृद्धि से ₹5,000-₹7,000 करोड़ की आमदनी होगी।
IOC और तेल मंत्रालय की प्रतिक्रिया
IOC (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन) ने कहा, “उत्पाद शुल्क में वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा। इससे उपभोक्ता महंगाई से बचेंगे और LPG पर हुआ नुकसान कवर किया जा सकेगा।”
तेल मंत्रालय ने भी X (पूर्व ट्विटर) पर कहा, आज की एक्साइज ड्यूटी वृद्धि के बाद #Petrol और #Diesel की खुदरा कीमतों में कोई इजाफा नहीं होगा।”
पिछली एक्साइज नीति की झलक
- 2014-16 में सरकार ने 9 बार उत्पाद शुल्क बढ़ाया था।
- इससे सरकार का उत्पाद शुल्क संग्रहण ₹99,000 करोड़ से बढ़कर ₹2.42 लाख करोड़ हो गया था (2016-17)।
- 2020 में कोरोना काल में ₹13 (पेट्रोल) और ₹16 (डीजल) प्रति लीटर तक शुल्क बढ़ाया गया था, जो बाद में धीरे-धीरे वापस भी लिया गया।
What's Your Reaction?