खुदरा महंगाई दर में गिरावट के कारण फिर सस्ते होंगे लोन, अप्रैल में RBI देगा तोहफा..!

दिल्ली। अप्रैल 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। जनवरी 2025 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) घटकर 4.3% रह गई है, जो 5% के स्तर से नीचे आ चुकी है।

खुदरा महंगाई दर में गिरावट के कारण फिर सस्ते होंगे लोन, अप्रैल में RBI देगा तोहफा..!
14-02-2025 - 07:00 AM

नयी दिल्ली। अप्रैल 2025 में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा की अध्यक्षता में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में एक बार फिर ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद है। जनवरी 2025 में खुदरा महंगाई दर (Retail Inflation) घटकर 4.3% रह गई है, जो 5% के स्तर से नीचे आ चुकी है। अर्थशास्त्रियों के अनुमानों को मानें तो अप्रैल 2025 में RBI द्वारा ब्याज दरों में एक और कटौती संभव है, जिससे होम लोन, ऑटो लोन और अन्य ऋण सस्ते हो सकते हैं। इससे खासतौर पर निम्न और मध्यम वर्ग के लोगों को राहत मिलेगी, जो महंगाई और महंगी EMI से परेशान हैं।

अप्रैल में फिर सस्ता होगा लोन?

नए वित्त वर्ष 2025-26 की शुरुआत के साथ ही अप्रैल में RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक होगी। इसमें खुदरा महंगाई दर में आई बड़ी गिरावट को ध्यान में रखते हुए एक बार फिर रेपो रेट (Repo Rate) में कटौती का फैसला किया जा सकता है। इससे पहले, फरवरी में RBI ने रेपो रेट को 6.50% से घटाकर 6.25% कर दिया था। जनवरी में सब्जियों की कीमतों में आई गिरावट से महंगाई पर असर पड़ा है और बेहतर रबी फसल से आने वाले महीनों में महंगाई दर और घटने की उम्मीद है।

नाइट फ्रैंक इंडिया के नेशनल डायरेक्टर रिसर्च विवेक राठी ने कहा कि RBI ने फरवरी में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की थी। हालांकि, महंगाई दर में संभावित बढ़ोतरी के बावजूद, RBI आने वाली मौद्रिक नीति समिति की बैठक में रेपो रेट घटाने की प्रक्रिया जारी रख सकता है ताकि उपभोक्ता खर्च (Consumption) को बढ़ावा मिले। इसका सबसे अधिक लाभ निम्न आय वर्ग को मिलेगा, जो ऊंची ब्याज दरों से सबसे ज्यादा प्रभावित होता है।

अप्रैल में फिर घटेगी रेपो रेट!

Rasense Private Limited के MD और CEO संजय कुमार ने कहा कि CPI (Consumer Price Index) महंगाई दर पांच महीने के न्यूनतम स्तर पर पहुंच गई है। इसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों (Food Inflation) की कीमतों में गिरावट है। खाद्य महंगाई को नियंत्रण में रखकर ही अर्थव्यवस्था में उपभोक्ता खर्च को बढ़ावा दिया जा सकता है। खुदरा महंगाई दर 4% के करीब होना नीति-निर्धारण के लिहाज से सही संकेत है क्योंकि इससे अप्रैल में ब्याज दरों में कटौती की संभावना खुली रहती है।

केयरएज रेटिंग्स की चीफ इकोनॉमिस्ट रजनी सिन्हा ने कहा कि चालू वित्त वर्ष (2024-25) और FY 2025-26 की चौथी तिमाही में महंगाई दर औसतन 4.4-4.5% रहने की उम्मीद है। ऐसे में महंगाई दर में गिरावट को देखते हुए अप्रैल में 25 बेसिस प्वाइंट की रेपो रेट कटौती की पूरी संभावना है।

खाद्य महंगाई में होगी और गिरावट!

RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि अक्टूबर 2024 में महंगाई दर सहिष्णुता सीमा (Tolerance Band) से ऊपर जाने के बाद नवंबर और दिसंबर में इसमें गिरावट आई है।

आने वाले दिनों में बेहतर खरीफ फसल उत्पादन, सब्जियों की कीमतों में गिरावट और रबी फसल की शानदार पैदावार से खाद्य महंगाई में और कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, कोर महंगाई में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए महंगाई दर 4.8% रहने का अनुमान है, जबकि चौथी तिमाही में यह 4.4% तक आ सकती है।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।