जाति प्रमाणपत्र मामले में भाजपा नेता नवनीत राणा को मुंबई अदालत से राहत, पिता पर आरोप बरकरार
मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार को भाजपा नेता नवनीत राणा को जाति प्रमाणपत्र से जुड़े एक मामले में आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया। हालांकि, इस मामले में उनके पिता हरभजन सिंह कुंडलेस के खिलाफ आरोप कायम..
मुंबई। मुंबई की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने बुधवार को भाजपा नेता नवनीत राणा को जाति प्रमाणपत्र से जुड़े एक मामले में आरोपों से मुक्त (डिस्चार्ज) कर दिया। हालांकि, इस मामले में उनके पिता हरभजन सिंह कुंडलेस के खिलाफ आरोप कायम रहेंगे।
नवनीत राणा और उनके पिता के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। वर्ष 2014 में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने मजिस्ट्रेट अदालत में शिकायत दर्ज कराई थी कि नवनीत राणा और उनके पिता ने फर्जी दस्तावेज तैयार किए, झूठा हलफनामा दाखिल किया और अनुसूचित जाति श्रेणी में आने वाला ‘मोची’ जाति प्रमाणपत्र हासिल किया।
शिकायतकर्ता ने पहले पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने अदालत का रुख किया। मार्च 2014 में मजिस्ट्रेट ने पुलिस को जांच के निर्देश दिए, जिसके बाद मुलुंड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और बाद में चार्जशीट दाखिल की गई।
अगस्त 2022 में मजिस्ट्रेट अदालत ने नवनीत राणा की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने सत्र अदालत में अपील की। दिसंबर 2022 में सत्र अदालत ने भी उनकी याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद अप्रैल 2025 में एक बार फिर डिस्चार्ज की याचिका दायर की गई, जिस पर अब अदालत ने नवनीत राणा को राहत दी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2022 में नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के खिलाफ भी चार्जशीट दाखिल की गई थी। यह मामला उस समय का है जब दोनों ने तत्कालीन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बांद्रा स्थित आवास के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की योजना बनाई थी। इस दौरान गिरफ्तारी के समय पुलिस के काम में बाधा डालने का आरोप उन पर लगाया गया था।
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