उत्तराखंड: कोटद्वार में दुकान के नाम से शुरू हुआ विवाद बना राष्ट्रीय मुद्दा, पुलिस कार्रवाई और सांप्रदायिक सौहार्द पर बहस तेज
कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ स्थानीय विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई हुई है, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर बहस छिड़..
कोटद्वार में एक दुकान के नाम को लेकर शुरू हुआ स्थानीय विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई हुई है, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं और सांप्रदायिक सौहार्द को लेकर बहस छिड़ गई है।
यह विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ, जब खुद को बजरंग दल का सदस्य बताने वाले कुछ लोगों ने कोटद्वार कस्बे में एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार का सामना किया। पुलिस के मुताबिक, इन लोगों ने दुकान के नाम ‘बाबा स्कूल ड्रेस’ पर आपत्ति जताई और तर्क दिया कि “बाबा” शब्द के इस्तेमाल से क्षेत्र के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर सिद्धबली बाबा को लेकर भ्रम पैदा हो सकता है।
करीब 30 साल से संचालित यह दुकान मोहम्मद शोएब चलाते हैं। घटना के समय दुकान पर 70 वर्षीय वकील अहमद मौजूद थे। पुलिस का कहना है कि समूह ने दुकान का नाम बदलने की मांग की और कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किया।
वायरल वीडियो और दीपक कुमार की भूमिका
स्थानीय जिम संचालक 46 वर्षीय दीपक कुमार पास की ही एक दुकान पर मौजूद थे, जब उन्होंने यह विवाद देखा। बुजुर्ग व्यक्ति को धमकाया जाता देख दीपक ने बीच-बचाव किया। बाद में इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में दीपक समूह से सवाल करते नजर आते हैं कि जब दूसरे लोग “बाबा” शब्द का इस्तेमाल कर सकते हैं, तो एक मुस्लिम दुकानदार ऐसा क्यों नहीं कर सकता। वह यह भी कहते दिखते हैं कि यह दुकान दशकों से चल रही है, तो क्या अब अचानक इसका नाम बदला जाना चाहिए।
वीडियो में जब समूह का एक व्यक्ति दीपक से उसकी पहचान के लिए नाम पूछता है, तो दीपक जवाब देते हैं, “मेरा नाम मोहम्मद दीपक है।”
बाद में दीपक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने नाम के साथ “मोहम्मद” जोड़कर यह बात एकजुटता के प्रतीक के रूप में कही थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा एक वीडियो में कहा, “मैं यह दिखाना चाहता था कि हम सब एक हैं।”
घटना के दौरान विवाद सड़क तक फैल गया लेकिन बाद में भीड़ तितर-बितर हो गई और उस समय मामला शांत होता दिखा।
वायरल वीडियो के बाद विरोध
हालांकि, इसके बाद के दिनों में वीडियो के व्यापक रूप से फैलने के साथ ही तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। दीपक का दावा है कि कुछ समूह उनके घर के बाहर इकट्ठा हुए, सांप्रदायिक नारे लगाए और उन्हें धमकियां दीं। दीपक द्वारा पोस्ट किए गए वीडियो में वह पुलिस की मौजूदगी में इन समूहों का सामना करते नजर आते हैं।
ऐसे ही एक वीडियो में दीपक कहते हैं, “मैं न हिंदू हूं, न मुसलमान, न सिख और न ईसाई। सबसे पहले मैं एक इंसान हूं। मरने के बाद मुझे भगवान और इंसानियत के सामने जवाब देना है, किसी धर्म के सामने नहीं।”
तीन एफआईआर दर्ज
तनाव बढ़ने के बीच पुलिस ने जनवरी की इस घटना से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की है।
- पहली एफआईआर 30 से 40 अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज की गई है, जिनका संबंध कथित तौर पर बजरंग दल और अन्य हिंदुत्व संगठनों से बताया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला सड़क जाम, नारेबाजी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों से जुड़ा है।
- दूसरी एफआईआर वकील अहमद की शिकायत पर दर्ज की गई है, जिसमें उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर गाली-गलौज, जातिसूचक भाषा के इस्तेमाल और दुकान पर सार्वजनिक शांति भंग करने का आरोप लगाया है।
- तीसरी एफआईआर दीपक कुमार और उनके कथित सहयोगियों के खिलाफ दर्ज की गई है। यह शिकायत कोटद्वार निवासी कमल प्रसाद ने दर्ज कराई है, जिसमें दीपक पर अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल और हिंसा की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों की जांच जारी है।
फ्लैग मार्च और राजनीतिक प्रतिक्रिया
किसी भी तरह की और अशांति को रोकने के लिए पुलिस ने 1 फरवरी को कोटद्वार क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया, ताकि लोगों को भरोसा दिलाया जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे।
इस मुद्दे पर राष्ट्रीय राजनीति में भी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कांग्रेस नेता और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर दीपक की सराहना की और उन्हें “नायक” बताया। उन्होंने लिखा, “उत्तराखंड का दीपक भारत का हीरो है। दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहा है, उस संविधान के लिए जिसे भाजपा और संघ परिवार हर दिन कुचलने की साजिश कर रहे हैं।”
उत्तराखंड के दीपक भारत के हीरो हैं।
दीपक संविधान और इंसानियत के लिए लड़ रहे हैं - उस संविधान के लिए जिसे BJP और संघ परिवार रोज़ रौंदने की साज़िश कर रहे हैं।
वे नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान का जीवित प्रतीक हैं और यही बात सत्ता को सबसे ज़्यादा चुभती है।
संघ परिवार… pic.twitter.com/c1D4VHV5XO — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) February 1, 2026
इस बीच, दीपक सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपने रुख का बचाव करते रहे हैं। एक संदेश में उन्होंने कहा, “हमारे देश को नफरत नहीं, प्यार और मोहब्बत की जरूरत है। आप नफरत जितनी चाहें फैलाएं, लेकिन प्यार फैलाना बहुत बड़ी बात है।”
पुलिस का कहना है कि फिलहाल कोटद्वार में स्थिति नियंत्रण में है लेकिन मामले के सभी पहलुओं की जांच जारी रहने के कारण सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है।
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