नागपुर दंगे: हाईकोर्ट के आदेश से पहले मुख्य आरोपी का घर ढहाया, प्रशासन की 'मनमानी' पर फटकार
नागपुर में हुए दंगों के प्रमुख आरोपी फहीम खान के दो-मंजिला "अवैध" मकान को सोमवार सुबह बुलडोज़र से ढहा दिया गया, जबकि कुछ घंटों बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया।
नागपुर। नागपुर में हुए दंगों के प्रमुख आरोपी फहीम खान के दो-मंजिला "अवैध" मकान को सोमवार सुबह बुलडोज़र से ढहा दिया गया, जबकि कुछ घंटों बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस कार्रवाई पर रोक लगाने का आदेश दिया।
इसके अलावा, प्रशासन ने दंगे के दूसरे आरोपी यूसुफ शेख के घर की "अवैध" बालकनी को भी गिरा दिया।
हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए
नागपुर हाईकोर्ट बेंच ने पूछा कि मकान मालिकों को सुनवाई का अवसर क्यों नहीं दिया गया।
कोर्ट ने प्रशासन की मनमानी (high-handedness) पर कड़ी नाराज़गी जताई।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि तोड़फोड़ अवैध पाई गई, तो प्रशासन को नुकसान की भरपाई करनी होगी।
अदालत ने मामले में सरकार और नागरिक प्रशासन से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी।
फहीम खान का घर गिराने की पूरी कार्रवाई
सुबह 10:30 बजे नागपुर नगर निगम (NMC) के तीन जेसीबी बुलडोज़र भारी पुलिस सुरक्षा और ड्रोन निगरानी के बीच संजय बाग कॉलोनी, यशोधरा नगर स्थित मकान को गिराने पहुंचे।
दोपहर 2:30 बजे तक, फहीम खान का पूरा मकान जमींदोज कर दिया गया।
मकान उसकी मां के नाम पर था, लेकिन 2020 में लीज समाप्त हो गई थी और भवन अवैध निर्माण के दायरे में आता था।
NMC ने महाराष्ट्र क्षेत्रीय एवं नगर योजना अधिनियम (MRTP Act) के तहत कार्रवाई की और 24 घंटे पहले ही नोटिस जारी किया गया था।
अदालत के स्टे ऑर्डर के बावजूद, खान का घर पहले ही ढहा दिया गया था, जबकि यूसुफ शेख के मकान के हिस्से की तोड़फोड़ रोक दी गई।
नागपुर दंगों की पृष्ठभूमि
17 मार्च को नागपुर में हिंसा भड़की जब अफवाह फैली कि विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल कार्यकर्ताओं द्वारा प्रदर्शन के दौरान एक चादर में धार्मिक पंक्तियां लिखी गई थीं, जिसे कथित तौर पर जलाया गया।
100 से अधिक लोग गिरफ्तार किए गए, जिनमें फहीम खान भी शामिल है, जिसे देशद्रोह (Sedition) के तहत बुक किया गया है। दंगे के दौरान 33 पुलिसकर्मी, जिनमें तीन DCP रैंक के अधिकारी भी थे, घायल हुए।
सरकार की सख्त कार्रवाई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हिंसा में हुए नुकसान की भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी।
यदि आरोपी भुगतान करने में असफल रहते हैं, तो उनकी संपत्ति जब्त कर नीलाम कर दी जाएगी।
दंगों को भड़काने वाले भड़काऊ कंटेंट शेयर करने वालों को भी सह-आरोपी बनाया जाएगा।
फडणवीस ने कहा कि अभी किसी विदेशी या बांग्लादेशी लिंक की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन मालेगांव कनेक्शन की जांच की जा रही है, क्योंकि मुख्य आरोपी फहीम खान एक राजनीतिक पार्टी से जुड़ा है।
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