हिज़्बुल्लाह के हमलों के बाद नेतन्याहू की आपात सुरक्षा बैठक, बेन-गवीर ने लेबनान को ‘समतल’ करने की दी धमकी

इज़राइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा कैबिनेट की एक आपात बैठक..

हिज़्बुल्लाह के हमलों के बाद नेतन्याहू की आपात सुरक्षा बैठक, बेन-गवीर ने लेबनान को ‘समतल’ करने की दी धमकी
31-05-2026 - 10:22 PM

इज़राइल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा कैबिनेट की एक आपात बैठक बुलाई। यह बैठक उत्तरी इज़राइल की स्थिति की समीक्षा करने के लिए आयोजित की गई, जहां हिज़्बुल्लाह ने रॉकेटों और ड्रोन हमलों की एक बड़ी श्रृंखला शुरू की।

चैनल 13 की रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री Israel Katz, सेना प्रमुख Eyal Zamir तथा उत्तरी क्षेत्र के सैन्य कमांडरों के साथ आपात सुरक्षा आकलन बैठक निर्धारित की। रिपोर्ट में कहा गया कि इज़राइली सेना हिज़्बुल्लाह की ओर से किए गए व्यापक रॉकेट हमलों और दक्षिणी लेबनान में इज़राइली जमीनी अभियानों के विस्तार के जवाब में उसकी बदली हुई रणनीति से आश्चर्यचकित रह गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को लेबनान से उत्तरी इज़राइल की ओर दर्जनों रॉकेट दागे गए। यह हमला 17 अप्रैल को लागू हुए युद्धविराम के बाद पहली बार हुआ। बताया गया कि कुछ रॉकेट इज़राइल के शहरों Safed और Nahariya तक पहुंचे।

नियंत्रण से बाहर होती स्थिति’ को लेकर चिंता

चैनल 13 के अनुसार, इज़राइली सरकार देश के उत्तरी हिस्से में “नियंत्रण से बाहर होती स्थिति” को लेकर चिंतित है। शनिवार को इज़राइली आर्मी रेडियो ने बताया कि इज़राइल और हिज़्बुल्लाह के बीच नाजुक युद्धविराम शुरू होने के बाद से उत्तरी क्षेत्र में 1,099 बार सायरन बज चुके हैं।

इस बीच, Hezbollah ने पुष्टि की कि उसने उत्तरी इज़राइल में नातुआ बस्ती के निकट तथा गैलीली फॉरेस्ट सैन्य शिविर में तैनात इज़राइली सैनिकों को निशाना बनाकर ड्रोन हमले किए हैं। ये हमले ऐसे समय हुए हैं जब कुछ दिन पहले ही नेतन्याहू ने हिज़्बुल्लाह के ड्रोन हमलों को उनकी पहचान करना कठिन होने के कारण “एक बड़ा खतरा” बताया था।

दूसरी ओर, इज़राइल ने भी युद्धविराम के बावजूद लेबनान में सैन्य कार्रवाई जारी रखी है। अमेरिका की मध्यस्थता में हुई अप्रत्यक्ष वार्ताओं के बाद 17 मई से 45 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाया गया था। हालांकि, इसके बावजूद इज़राइली हमले जारी रहे। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, 2 मार्च से अब तक इज़राइली हमलों में 3,371 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

बेन-गवीर की नई धमकियां

बढ़ते संघर्ष के बीच इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री Itamar Ben-Gvir ने सार्वजनिक रूप से और बार-बार बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहियेह को “समतल” कर देने की मांग की।

उन्होंने मीडिया से कहा, “हमें दहियेह के पीछे जाना चाहिए, उसे समतल कर देना चाहिए, फिर से समतल कर देना चाहिए और एक बार फिर समतल कर देना चाहिए। प्रिय प्रधानमंत्री नेतन्याहू, मैं आपका सम्मान करता हूं, लेकिन अब दहियेह को पूरी तरह तबाह करने का समय आ गया है।”

उल्लेखनीय है कि दहियेह, Beirut का घनी आबादी वाला दक्षिणी उपनगर है, जहां लाखों नहीं तो सैकड़ों हजार नागरिक रहते हैं। बेन-गवीर इस सप्ताह ऐसे दूसरे इज़राइली मंत्री हैं जिन्होंने सार्वजनिक रूप से नागरिक आबादी वाले क्षेत्रों पर बमबारी की मांग की है।

इससे पहले इज़राइल के वित्त मंत्री Bezalel Smotrich ने भी सुझाव दिया था कि प्रत्येक ड्रोन हमले के जवाब में 10 इमारतों को नष्ट किया जाना चाहिए।

दोनों मंत्रियों के ये बयान ऐसे समय आए हैं जब United States और Iran के बीच एक संभावित शांति समझौते पर बातचीत चल रही है, जिसमें इज़राइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को भी शामिल किया गया है।

प्रमुख बिंदु

बिंदु

विवरण

आपात बैठक

नेतन्याहू ने रक्षा और सैन्य अधिकारियों के साथ सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई

हिज़्बुल्लाह हमला

उत्तरी इज़राइल पर रॉकेट और ड्रोन हमले

प्रभावित क्षेत्र

साफेद और नहारिया तक पहुंचे रॉकेट

इज़राइल की चिंता

उत्तरी क्षेत्र में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति

बेन-गवीर का बयान

बेरूत के दहियेह क्षेत्र को “समतल” करने की मांग

युद्धविराम स्थिति

17 मई से 45 दिनों के लिए बढ़ाया गया, फिर भी संघर्ष जारी

कूटनीतिक पृष्ठभूमि

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता जारी

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।