‘अब बिजनेस ऐज यूज़ुअल नहीं चलेगा’: खाड़ी संकट के बीच पीयूष गोयल का भारतीय उद्योग जगत को बड़ा संदेश

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने मंगलवार को भारतीय उद्योग जगत से घरेलू कंपनियों और उत्पादकों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में “बिजनेस ऐज यूज़ुअल” का दौर खत्म हो चुका..

‘अब बिजनेस ऐज यूज़ुअल नहीं चलेगा’: खाड़ी संकट के बीच पीयूष गोयल का भारतीय उद्योग जगत को बड़ा संदेश
13-05-2026 - 09:28 AM

नयी दिल्ली। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने मंगलवार को भारतीय उद्योग जगत से घरेलू कंपनियों और उत्पादकों को प्राथमिकता देने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में “बिजनेस ऐज यूज़ुअल” का दौर खत्म हो चुका है।

उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक व्यापार संकट और सप्लाई चेन में व्यवधान के इस दौर में सरकार और उद्योग जगत को मिलकर भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ानी होगी।

CII बिजनेस समिट में उद्योग जगत को चेतावनी

नयी दिल्ली में आयोजित CII Annual Business Summit 2026 को संबोधित करते हुए पीयूष गोयल ने कहा कि भारत हर संकट से पहले से ज्यादा मजबूत होकर उभरा है और अब उद्योगों को भी राष्ट्रीय हित में सामूहिक सोच अपनानी होगी।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के आत्मनिर्भरता और आर्थिक अनुशासन संबंधी हालिया संदेशों का उल्लेख करते हुए कहा, आज हमें एक वेक-अप कॉल की जरूरत है। यह सरकार बनाम उद्योग नहीं है। यह सरकार, उद्योग जगत और भारत के लोगों की साझा जिम्मेदारी है।”

भारतीय उद्योग एक-दूसरे का समर्थन करना सीखें’

पीयूष गोयल ने भारतीय कंपनियों से विदेशी सप्लायर्स पर निर्भरता कम करने और घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने की अपील की।

उन्होंने दक्षिण कोरिया और जापान के औद्योगिक मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की कंपनियां राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देती हैं।

उन्होंने कहा, भारतीय उद्योगों को एक-दूसरे का समर्थन करना सीखना होगा। कोरिया और जापान के काम करने के तरीके को देखिए। हम कब तक इतने संकीर्ण दृष्टिकोण में रहेंगे कि यह न समझें कि भारतीय उद्योग का सामूहिक हित हमारे व्यक्तिगत भविष्य को भी मजबूत करेगा।”

गोयल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह अब केवल सुझाव नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुका है।

उन्होंने कहा, अब यह सिर्फ सलाह नहीं रह गई है, यह अनिवार्यता बनती जा रही है। सरकार को हर बार हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उद्योग जगत खुद सुनिश्चित करे कि भारतीय उद्योग एक-दूसरे का सहयोग करें।”

वैश्विक संकट और सप्लाई चेन पर बढ़ती चिंता

पीयूष गोयल की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब दुनिया भर में देश सप्लाई चेन सुरक्षा, घरेलू विनिर्माण और रणनीतिक व्यापार निर्भरता पर जोर दे रहे हैं।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, ऊर्जा कीमतों में अस्थिरता और समुद्री व्यापार मार्गों पर संकट ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित किया है।

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, सोलर मॉड्यूल और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (PLI) योजनाओं के जरिए घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया है।

भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत: गोयल

पीयूष गोयल ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। उन्होंने विदेशी मुद्रा भंडार, निर्यात और प्रवासी भारतीयों से आने वाले धन (रेमिटेंस) को भारत की आर्थिक मजबूती का आधार बताया।

उन्होंने कहा, “IMF के अनुसार यदि किसी देश के पास 8 से 12 महीनों के आयात को कवर करने लायक विदेशी मुद्रा भंडार है, तो उसकी स्थिति मजबूत मानी जाती है। भारत के पास 11 महीने के आयात को कवर करने जितना रिजर्व मौजूद है।”

गोयल ने बताया कि भारत का वस्तु और सेवा निर्यात मिलाकर लगभग 863 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

FTAs और श्रमिक गतिशीलता पर जोर

मंत्री ने कहा कि भारत के मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) में पेशेवरों और श्रमिकों की आवाजाही को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया जा रहा है।

भारत ने हाल के वर्षों में United Arab Emirates, Australia और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन (EFTA) समूह के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जबकि United Kingdom और European Union के साथ बातचीत जारी है।

पीएम मोदी की आत्मनिर्भरता और बचत की अपील

हाल के महीनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू खर्च बढ़ाने की अपील कर चुके हैं।

उन्होंने ईंधन की बचत, खाद्य तेल के सीमित उपयोग, सोने जैसी गैर-जरूरी आयातित वस्तुओं पर कम खर्च और विदेशों में महंगी डेस्टिनेशन वेडिंग से बचने की सलाह दी है।

सरकार की यह रणनीति ऐसे समय सामने आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल कीमतों और शिपिंग लागत में उतार-चढ़ाव की आशंका बनी हुई है।

भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से अधिक कच्चा तेल आयात करता है, इसलिए ऊर्जा कीमतें और वैश्विक सप्लाई चेन देश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।