राजस्थान समेत कई राज्यों में जिला जज पद के लिए कोई उम्मीदवार योग्य नहीं पाया गया: चयन प्रक्रिया की गंभीर चुनौतियाँ उजागर
राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में जिला जज संवर्ग में पदोन्नति के लिए आयोजित लिमिटेड कॉम्पिटेटिव परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार उपयुक्त नहीं पाया गया..
जयपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने मंगलवार को अधिसूचना जारी करते हुए बताया कि वर्ष 2024 में जिला जज संवर्ग में पदोन्नति के लिए आयोजित लिमिटेड कॉम्पिटेटिव परीक्षा में कोई भी उम्मीदवार उपयुक्त नहीं पाया गया। यह परीक्षा 8 और 9 मार्च को आयोजित की गई थी।
हाईकोर्ट की अधिसूचना के अनुसार, इस परीक्षा का परिणाम “None Found Suitable” घोषित किया गया है। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ हो — देश के कई राज्यों में जिला जजों की भर्ती प्रक्रिया इसी तरह से असफल रही है, जिससे चयन मानकों की कठोरता और न्यायिक सेवा में गुणवत्ता बनाए रखने की चुनौतियाँ सामने आती हैं।
अन्य राज्यों की हालिया मिसालें
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राज्य |
वर्ष |
परीक्षा विवरण |
परिणाम |
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ओडिशा |
2025 (फरवरी) |
45 पदों के लिए 366 उम्मीदवार |
कोई भी इंटरव्यू के लिए योग्य नहीं पाया गया |
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तेलंगाना |
2024 (नवंबर) |
9 जिला जज (प्रवेश स्तर) पद |
कोई चयन नहीं, पद अगले वर्ष के लिए स्थगित |
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तमिलनाडु |
2019 |
3,500+ आवेदन, प्रारंभिक परीक्षा |
कोई योग्य उम्मीदवार नहीं |
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गुजरात |
2022 और 2019 |
34 जिला जज पद |
कोई चयन नहीं |
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जम्मू-कश्मीर |
2022 |
7 जिला जज पद, 200+ उम्मीदवार |
सभी अयोग्य |
समस्या की गहराई:
- योग्यता मानक बहुत कठिन माने जा रहे हैं — खासकर लिखित परीक्षा और इंटरव्यू स्तर पर।
- न्यायिक प्रणाली में गुणवत्ता बनाए रखने की चिंता से चयन प्रक्रियाएँ कठोर हो रही हैं।
- न्यायाधीशों की भारी कमी की वजह से न्यायिक बोझ बढ़ रहा है, लेकिन उपयुक्त उम्मीदवार नहीं मिलने से रिक्तियाँ बनी हुई हैं।
विशेषज्ञों की राय:
- कुछ कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि लिखित परीक्षा की कठिनता और मूल्यांकन के मानदंडों में पारदर्शिता और यथार्थवाद की आवश्यकता है।
- वहीं, न्यायिक अधिकारीगण इसे न्यायिक संस्थानों की प्रतिष्ठा बनाए रखने का आवश्यक कदम मानते हैं।
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