न्यायपालिका पर आलोचना जारी..उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने फिर दिया बयान कि संसद सर्वोच्च है..!

दिल्ली विश्वविद्यालय में मंगलवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने न्यायपालिका के "अतिक्रमण" पर अपनी आलोचना को और मजबूत किया और दोहराया कि "संसद सर्वोच्च है..

न्यायपालिका पर आलोचना जारी..उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने फिर दिया बयान कि संसद सर्वोच्च है..!
22-04-2025 - 02:19 PM

नयी दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में मंगलवार को उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने न्यायपालिका के "अतिक्रमण" पर अपनी आलोचना को और मजबूत किया और दोहराया कि "संसद सर्वोच्च है।"

मुख्य बिंदु:

  • धनखड़ ने कहा, "चुनाव से चुने गए प्रतिनिधि ही संविधान को परिभाषित करने के अंतिम शासक होंगे और इससे ऊपर कोई भी प्राधिकरण नहीं होगा। संसद सर्वोच्च है।"
  • यह बयान न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच चल रही बहस के संदर्भ में आया, जिसमें न्यायिक अतिक्रमण को लेकर विवाद बढ़ा है।

सुप्रीम कोर्ट के दो विरोधाभासी बयान:

धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के दो विरोधाभासी निर्णयों का हवाला देते हुए इस मुद्दे को और प्रमुख किया:

  1. गोरखनाथ केस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि संविधान की प्रस्तावना (Preamble) संविधान का हिस्सा नहीं है।
  2. केशवानंद भारती केस में वही कोर्ट कहता है कि प्रस्तावना संविधान का अभिन्न हिस्सा है।

इन दोनों फैसलों को लेकर उन्होंने सवाल उठाया और इसे न्यायपालिका के निर्णयों में अनिश्चितता के रूप में प्रस्तुत किया।

संसद और न्यायपालिका के बीच की खींचतान:

धनखड़ के इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि वह संसद की शक्तियों को न्यायपालिका के प्रभाव से ऊपर मानते हैं। यह बयान उस समय आया है जब कई मामलों में कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।