राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा में किया नामित, रंजन गोगोई के रिटायरमेंट से खाली सीट भरी
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने Harivansh को राज्यसभा का सदस्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व मुख्य न्यायाधीश Ranjan Gogoi के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई सीट को भरने के लिए की..
राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने Harivansh को राज्यसभा का सदस्य नियुक्त किया है। यह नियुक्ति पूर्व मुख्य न्यायाधीश Ranjan Gogoi के सेवानिवृत्त होने से खाली हुई सीट को भरने के लिए की गई है।
सरकारी अधिसूचना के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 80 के खंड (1)(a) और (3) के तहत राष्ट्रपति को प्राप्त शक्तियों के आधार पर की गई है। हरिवंश का राज्यसभा कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद उन्हें पुनः नामित किया गया है।
69 वर्षीय हरिवंश इससे पहले बिहार का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा में दो कार्यकाल पूरे कर चुके हैं और उच्च सदन के उपसभापति (डिप्टी चेयरमैन) के पद पर भी रह चुके हैं। उनके पास संसदीय कार्यों का व्यापक अनुभव है।
संसदीय अनुभव और भूमिका
हरिवंश ने राज्यसभा की कई महत्वपूर्ण समितियों में सक्रिय भूमिका निभाई है, जिनमें..
- कृषि समिति
- बिजनेस एडवाइजरी कमेटी
- नियम समिति
- जनरल पर्पज कमेटी
इसके अलावा, उन्होंने सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (MPLADS) समिति और विशेषाधिकार समिति (Privileges Committee) की अध्यक्षता भी की है। वे राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण मंच (National Platform for Disaster Risk Reduction) से भी जुड़े रहे हैं और नीतिगत चर्चाओं में योगदान दिया है।
विधायी योगदान
हरिवंश ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों की जांच करने वाली समितियों में भी अहम भूमिका निभाई है, जिनमें..
- मोटर व्हीकल (संशोधन) विधेयक
- नागरिकता (संशोधन) विधेयक
शामिल हैं।
इसके अलावा, वे सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की सलाहकार समिति और राज्यसभा टीवी की कंटेंट एडवाइजरी कमेटी के सदस्य भी रह चुके हैं।
उनकी पुनर्नियुक्ति से राज्यसभा में उनके अनुभव और संसदीय समझ का लाभ आगे भी मिलने की उम्मीद है।
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