ऑपरेशन सिंदूर पर प्रेस वार्ता में कहा गया.. भारतीय जवाब, “संतुलित, गैर-उत्तेजक, अनुपातिक और जिम्मेदार”
विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर मिसाइल स्ट्राइक की। इस ऑपरेशन को उन्होंने “संतुलित, गैर-उत्तेजक, अनुपातिक और जिम्मेदार” करार दिया..
नयी दिल्ली। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ संयुक्त रूप से प्रेस को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत ने पाकिस्तान में आतंकवादी लॉन्चपैड्स पर मिसाइल स्ट्राइक की। इस ऑपरेशन को उन्होंने “संतुलित, गैर-उत्तेजक, अनुपातिक और जिम्मेदार” करार दिया।
विक्रम मिस्री ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के उस बयान का हवाला दिया जिसमें 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए अपराधियों, योजनाकारों, फाइनेंसरों और मददगारों को न्याय के कठघरे में लाने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया गया है। उन्होंने कहा,
उन्होंने खुफिया सूचनाओं के हवाले से कहा कि पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल आगे और हमलों की योजना बना रहे थे, जिसे रोकना ज़रूरी था।
पहलगाम आतंकी हमला: पृष्ठभूमि
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकियों ने पर्यटकों पर हमला किया था, जिसमें 26 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें एक नेपाली नागरिक भी शामिल था। यह 2008 के मुंबई हमलों के बाद भारत में हुआ सबसे घातक आतंकी हमला था।
हमलावरों का मकसद कश्मीर की पर्यटन अर्थव्यवस्था को चोट पहुँचाना था। चश्मदीदों के अनुसार, हमलावरों ने पर्यटकों को उनके परिवार के सामने बेहद नजदीक से गोली मारी। "द रेज़िस्टेंस फ्रंट" ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली थी, जो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा संगठन है।
भारत पहले ही संयुक्त राष्ट्र को इस संगठन की गतिविधियों से अवगत करा चुका है। पाकिस्तान ने अब तक इन आतंकियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। हमले की जांच में यह भी सामने आया कि हमलावर पाकिस्तान स्थित आकाओं से संपर्क में थे। इससे पहले भारत ने कई बार पाकिस्तान पर क्रॉस-बॉर्डर टेररिज़्म का आरोप लगाया है।
ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई
भारत ने इस हमले के बाद अगले संभावित हमलों को रोकने और आतंकी आधारभूत ढांचे को खत्म करने के लिए यह मिसाइल स्ट्राइक की। यह कार्रवाई पूरी तरह नियंत्रण में रखी गई थी और इसका उद्देश्य तनाव बढ़ाना नहीं बल्कि भविष्य के खतरे को रोकना था। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस हमले के बाद दोषियों को सज़ा देने की बात कही थी, और भारत की यह सैन्य कार्रवाई उसी अपील के अनुरूप है।
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