राजस्थान में आरएसएस का अखिल भारतीय समन्वय सम्मेलन शुरू, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने की मोहन भागवत से मुलाकात
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का अखिल भारतीय समन्वय सम्मेलन 5 से 7 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर में आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में संघ से जुड़े 32 संगठनों के करीब 300 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। एजेंडे में राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और सामाजिक परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा..
जयपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का अखिल भारतीय समन्वय सम्मेलन 5 से 7 सितंबर तक राजस्थान के जोधपुर में आयोजित हो रहा है। इस सम्मेलन में संघ से जुड़े 32 संगठनों के करीब 300 वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल हो रहे हैं। एजेंडे में राष्ट्रीय एकता, सुरक्षा और सामाजिक परिवर्तन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने भी आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की, जिससे प्रदेश की राजनीतिक हलचलों में अटकलें तेज़ हो गई हैं।
हालाँकि बैठक के विस्तृत ब्योरे साझा नहीं किए गए, लेकिन माना जा रहा है कि इसमें राजस्थान भाजपा संगठन और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में संभावित बदलावों पर भी चर्चा हुई है।
सम्मेलन की तैयारियाँ और सुरक्षा
देशभर से पदाधिकारी बुधवार रात से जोधपुर पहुँचना शुरू हो गए हैं। पहली बार महानगर और प्रांत स्तर के स्वयंसेवकों को हवाई अड्डे व रेलवे स्टेशन पर राष्ट्रीय नेताओं के स्वागत और उन्हें बैठक स्थल तक पहुँचाने की ज़िम्मेदारी दी गई है।
आरएसएस नेतृत्व मंगलवार को ही जोधपुर पहुँच गया था। सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले, सह-सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, सी.आर. मुकुंदा, अरुण कुमार, रामदत्त चक्रधर, आलोक कुमार और अतुल लिमये आदर्श डिफेंस एंड स्पोर्ट्स अकादमी, लालसागर पहुँचे, जहाँ सम्मेलन आयोजित हो रहा है। वरिष्ठ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य सहित कई राष्ट्रीय कार्यकर्ता भी इस दौरान मौजूद रहे।
जोधपुर पुलिस कमिश्नरेट ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सोमवार सुबह से ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। बैठक स्थल और संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर हाई अलर्ट पर है।
एजेंडा और चर्चा के विषय
- राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमाओं की स्थिति
- बदलते सामाजिक समीकरण और धार्मिक जनसांख्यिकी
- आरएसएस के शताब्दी वर्ष कार्यक्रम
- आर्थिक चिंताएँ और ‘स्वावलंबन अभियान’
- अवैध प्रव्रजन (Illegal migration) का मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस भाषण में उठाए गए जनसांख्यिकीय मुद्दे भी इस बैठक में चर्चा का विषय बन सकते हैं।
आगे का कार्यक्रम
मुख्य सम्मेलन 5 से 7 सितंबर तक चलेगा, इसके बाद मोहन भागवत 9 सितंबर तक जोधपुर में रहेंगे। इस दौरान कई छोटे-छोटे सत्र भी होंगे। राजस्थान की राजनीति से जुड़े नेता भी इन बैठकों में शामिल हो सकते हैं, जिससे इस आयोजन का राज्य की सियासत में महत्व और बढ़ गया है।
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