राहुल गांधी के वकील ने बिना सहमति के दायर की जान के खतरे की याचिका: सुप्रिया श्रीनेत

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी जी के वकील ने अदालत में उनके जीवन को खतरे का हवाला देते हुए एक लिखित बयान दाख़िल कर दिया था, जो बिना उनकी सलाह और सहमति के किया गया। राहुल जी इससे पूरी तरह असहमत हैं। इसलिए, कल उनके वकील इस लिखित बयान को अदालत से वापस..

राहुल गांधी के वकील ने बिना सहमति के दायर की जान के खतरे की याचिका: सुप्रिया श्रीनेत
14-08-2025 - 07:22 AM

नयी दिल्ली। कांग्रेस नेता राहुल गांधी अपने वकील द्वारा पुणे की एक अदालत में दाख़िल उस लिखित बयान को वापस लेंगे, जिसमें उनके जीवन को खतरा होने का उल्लेख किया गया था। पार्टी की नेता सुप्रिया श्रीनेत ने बुधवार को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "राहुल गांधी जी के वकील ने अदालत में उनके जीवन को खतरे का हवाला देते हुए एक लिखित बयान दाख़िल कर दिया था, जो बिना उनकी सलाह और सहमति के किया गया। राहुल जी इससे पूरी तरह असहमत हैं। इसलिए, कल उनके वकील इस लिखित बयान को अदालत से वापस लेंगे।"

दिन में इससे पहले गांधी के वकील, अधिवक्ता मिलिंद पवार ने विनायक दामोदर सावरकर पर राहुल गांधी की टिप्पणियों से जुड़े मानहानि मामले में एक आवेदन दाख़िल किया था। इस याचिका में दावा किया गया कि "हाल ही में उठाए गए राजनीतिक मुद्दों" और उनके पहले दिए गए सावरकर संबंधी बयानों के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर "गंभीर आशंका" है।

आवेदन में आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता सत्यकी सावरकर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के सीधे वंशज हैं और उनके परिवार के इतिहास में "हिंसा और असंवैधानिक प्रवृत्तियों का दस्तावेजी रिकॉर्ड" मौजूद है।

आवेदन में आगे कहा गया कि सावरकर "वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों का अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं, ताकि अदालत पर प्रभाव डालने या उस पर बाहरी दबाव बनाने की कोशिश की जा सके, विशेषकर इस तथ्य को देखते हुए कि शिकायतकर्ता के कथित दिवंगत दादा के अनुयायी वर्तमान में राजनीतिक सत्ता में हैं।"

याचिका में यह भी कहा गया, "सत्यकी सावरकर ने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है कि वह अपने मातृ पक्ष से नाथूराम गोडसे और गोपाल गोडसे — जो महात्मा गांधी की हत्या के मुख्य आरोपी थे — के सीधे वंशज हैं। यह हत्या कोई आवेश में किया गया कार्य नहीं था, बल्कि यह एक साज़िश का सुनियोजित परिणाम था, जो एक विशेष विचारधारा में निहित था और निहत्थे व्यक्ति के खिलाफ सुनियोजित हिंसा में परिणत हुआ।"

आवेदन में गांधी की ओर से यह भी कहा गया, "यह स्पष्ट, तर्कसंगत और पर्याप्त आशंका मौजूद है कि राहुल गांधी को नुकसान पहुँचाने, झूठे मामलों में फँसाने या अन्य प्रकार से निशाना बनाने की कोशिश की जा सकती है।" उन्होंने महात्मा गांधी की हत्या का हवाला देते हुए कहा, "शिकायतकर्ता के परिवार के इतिहास में हिंसा की घटनाएँ रही हैं। इतिहास को खुद को दोहराने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।"

गांधी ने दावा किया कि उनके "वोट चोरी" संबंधी आरोपों ने राजनीतिक विरोधियों को उकसाया है और उन्होंने बीजेपी नेताओं से मिली "दो सार्वजनिक धमकियों" का हवाला दिया। इनमें शामिल थे,  केंद्रीय मंत्री रवीनीत सिंह बिट्टू, जिन्होंने उन्हें "देश का नंबर वन आतंकवादी" कहा था और बीजेपी नेता तरविंदर सिंह मारवाह।

यह मानहानि का मामला 17 नवंबर 2022 को महाराष्ट्र के अकोला में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए राहुल गांधी के भाषण से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर सावरकर को "ब्रिटिश सेवक" कहा था, जिन्हें औपनिवेशिक सरकार से पेंशन मिलती थी। इस पर सत्यकी सावरकर ने आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया था और सबूत के तौर पर भाषण की सीडी और ट्रांसक्रिप्ट अदालत में सौंपी थी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।