राजस्थान: भाजपा विधायक की सदस्यता रद्द करने को लेकर कांग्रेस ने राज्यपाल से लगाई गुहार
राजस्थान में विपक्षी कांग्रेस ने आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के मुद्दे पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से हस्तक्षेप की मांग की है..
जयपुर। राजस्थान में विपक्षी कांग्रेस ने आपराधिक मामले में दोषी ठहराए गए भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की विधानसभा सदस्यता समाप्त करने के मुद्दे पर राज्यपाल हरिभाऊ बागडे से हस्तक्षेप की मांग की है।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के नेतृत्व में पार्टी का एक उच्च स्तरीय छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सोमवार शाम को राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा जिसमें उन्होंने दो प्रमुख मामलों को गंभीर संवैधानिक उल्लंघन करार दिया।
ज्ञापन में पहला मामला भाजपा विधायक कंवर लाल मीणा की सदस्यता समाप्त करने में देरी से जुड़ा था, जबकि दूसरा मामला वरिष्ठ कांग्रेस विधायक नरेंद्र कुमार बुडानिया को सदन की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष पद से हटाए जाने का था।
टीका राम जूली और गोविंद डोटासरा ने मीडिया से बातचीत में आरोप लगाया, "विधानसभा अध्यक्ष आरएसएस और सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में लगातार असंवैधानिक फैसले ले रहे हैं। ये दोनों संगठन मिलकर संविधान की मूल भावना का लगातार उल्लंघन कर रहे हैं।"
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अंता (बारां) से विधायक कंवर लाल मीणा की सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई में जानबूझकर दो सप्ताह से अधिक की देरी की गई है, जबकि अदालत द्वारा दोषसिद्धि के 24 घंटे के भीतर उनकी सदस्यता समाप्त की जानी चाहिए थी।
उन्होंने कहा, "एक जैसे मामले में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अदालत से दो साल की सजा मिलने के 24 घंटे के भीतर समाप्त कर दी गई थी, लेकिन यहां भाजपा और विधानसभा अध्यक्ष मिलकर कंवर लाल मीणा को बचा रहे हैं।"
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मीणा को अयोग्यता से बचाने के लिए दिल्ली स्तर पर सुनियोजित प्रयास हो रहे हैं, और उनके लिए राज्यपाल से संविधान के अनुच्छेद 161 के तहत क्षमादान दिलाने की कोशिश की जा रही है।
इसके साथ ही कांग्रेस ने वरिष्ठ नेता नरेंद्र कुमार बुडानिया को विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के अध्यक्ष पद से हटाए जाने की भी निंदा की। बुडानिया तीन बार के राज्यसभा सांसद, तीन बार के लोकसभा सदस्य और तीन बार के विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस ने इसे "संवैधानिक मर्यादा और विधायी गरिमा पर सीधा प्रहार" करार दिया।
टीका राम जूली और डोटासरा ने कहा,"हमने राज्यपाल को इन दोनों मुद्दों पर अपनी गंभीर चिंता से अवगत कराया है। राज्यपाल ने आश्वासन दिया है कि वे इन घटनाक्रमों से अवगत हैं और उचित कार्रवाई करेंगे।"
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