साधना ब्रॉडकास्ट मामला: अभिनेता अरशद वारसी समेत 58 लोगों पर सेबी ने बाजार से प्रतिबंध लगाया, अधिकतम 5 वर्षों के लिए बैन
बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी, उनकी पत्नी मारिया गोरेटी, और अन्य 57 संस्थाओं पर साधना ब्रॉडकास्ट शेयरों में निवेश की भ्रामक यूट्यूब वीडियो के ज़रिए पंप-एंड-डंप स्कीम चलाने के आरोप में 1 से 5 साल तक के लिए प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर प्रतिबंध..
मुंबई। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी, उनकी पत्नी मारिया गोरेटी, और अन्य 57 संस्थाओं पर साधना ब्रॉडकास्ट शेयरों में निवेश की भ्रामक यूट्यूब वीडियो के ज़रिए पंप-एंड-डंप स्कीम चलाने के आरोप में 1 से 5 साल तक के लिए प्रतिभूति बाजार में कारोबार पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सेबी के अनुसार, अरशद वारसी और उनकी पत्नी पर 5-5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है और दोनों को 1 वर्ष के लिए बाजार से प्रतिबंधित किया गया है। यह आदेश सेबी ने गुरुवार को जारी किया।
आदेश की प्रमुख बातें
- सेबी ने 59 संस्थाओं (अरशद व उनके पत्नी समेत) को कुल 58.01 करोड़ रुपये की अवैध कमाई को 12% वार्षिक ब्याज समेत लौटाने का निर्देश दिया है।
- अरशद वारसी ने 41.70 लाख रुपये, जबकि मारिया गोरेटी ने 50.35 लाख रुपये का मुनाफा कमाया।
- सेबी ने इस पूरे ऑपरेशन के मुख्य मास्टरमाइंड के रूप में गौरव गुप्ता, राकेश कुमार गुप्ता और मनीष मिश्रा को नामित किया।
- सुभाष अग्रवाल, जो साधना ब्रॉडकास्ट लिमिटेड (अब क्रिस्टल बिजनेस सिस्टम्स) के रजिस्ट्रार एंड ट्रांसफर एजेंट (RTA) के निदेशक थे, ने मनीष मिश्रा और प्रमोटर्स के बीच संपर्क सूत्र की भूमिका निभाई।
- यह स्कीम दो चरणों में चली —
- कम तरलता वाले शेयर में मिलीभगत से ट्रेडिंग, जिससे शेयर का दाम कृत्रिम रूप से बढ़ाया गया।
- फिर, Moneywise, The Advisor और Profit Yatra जैसे यूट्यूब चैनलों पर भ्रामक वीडियो डाले गए, जिससे खुदरा निवेशक आकर्षित हुए।
सेबी के Whole Time Member अश्विनी भाटिया ने कहा, “नोटिसधारकों का कुल आचरण एक क्लासिक पंप-एंड-डंप स्कीम को उजागर करता है। शेयर की कीमत को योजनाबद्ध तरीके से ऊपर चढ़ाया गया, फिर आक्रामक प्रचार के माध्यम से निवेशकों को लुभाया गया और अंत में प्रमोटरों द्वारा समन्वित रूप से शेयर बेचे गए।”
सेबी ने इन 59 संस्थाओं को PFUTP (Prohibition of Fraudulent and Unfair Trade Practices) नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया है।
अन्य महत्वपूर्ण बिंदु:
- Varun Media Pvt Ltd, जो एक प्रमोटर इकाई है, उस पर कोई मौद्रिक जुर्माना नहीं लगाया गया क्योंकि कंपनी दिवालियापन प्रक्रिया में है। हालांकि, कमाई की वापसी का आदेश (disgorgement) उस पर भी लागू रहेगा।
- सेबी को जुलाई से सितंबर 2022 के बीच शिकायतें मिली थीं कि साधना ब्रॉडकास्ट के शेयर में कृत्रिम रूप से कीमतें बढ़ाकर बाद में उन्हें बेचा गया।
- इसके बाद सेबी ने 8 मार्च 2022 से 30 नवंबर 2022 के बीच के लेन-देन की विस्तृत जांच की।
- 2 मार्च 2023 को सेबी ने 31 संस्थाओं के खिलाफ अंतरिम आदेश भी जारी किया था।
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