खुला समृद्धि महामार्गः पीएम मोदी ने किया 701 किमी लंबे एक्सप्रेस-वे के पहले फेज का उद्घाटन
<p><strong><em>महाराष्ट्र के नागपुर में पीएम मोदी ने रविवार को समृद्धि महामार्ग के पहले चरण का उद्घाटन किया। यह चरण 520 किलोमीटर की दूरी कवर करेगा।</em></strong></p>
यह नागपुर को शिरडी से जोड़ेगा। यह एक्सप्रेस-वे महाराष्ट्र के 10 जिलों से गुजरेगा। यह अमरावती, औरंगाबाद और नासिक के महत्वपूर्ण शहरी क्षेत्रों से गुजरेगा। यह एक्सप्रेस-वे आसपास के 14 अन्य जिलों की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में मदद करेगा। इस प्रकार यह विदर्भ, मराठवाड़ा और उत्तरी महाराष्ट्र के क्षेत्रों सहित राज्य के लगभग 24 जिलों के विकास में मदद करेगा।
कई पर्यटन स्थलों को जोड़ेगा यह महामार्ग
‘समृद्धि महामार्ग’ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट और अजंता एलोरा की गुफाओं, शिरडी, वेरूल, लोनार आदि पर्यटन स्थलों से जुड़ेगा।
2023 के आखिर तक पूरी तरह खुलेगा
मुंबई से नागपुर की दूरी कम करने के लिए बन रहे समृद्धि महामार्ग से सफर करने के लिए मुंबईकरों को और एक साल का इंतजार करना होगा। 701 किमी लंबा हाइवे 2023 के अंत तक पूरी तरह से खुलने की उम्मीद है। 11 दिसंबर को समृद्धि महामार्ग के पहले फेज का उद्घाटन हो रहा है।
10 घंटे का सफर 5 घंटे में होगा पूरा
एमएसआरडीसी के अनुसार, पहले फेज के तहत नागपुर से शिरडी के बीच बने 520 किमी के हाइवे को वाहनों के लिए खोला जाएगा। यह मार्ग खुल जाने से नागपुर से शिरडी का सफर 10 घंटे की बजाय 5 घंटे में पूरा करना संभव होगा।
85 फीसदी काम हुआ पूरा
701 किमी लंबे हाइवे का करीब 85 फीसदी सिविल वर्क पूरा हो चुका है। सरकार ने नागपुर से मुंबई के बीच बने महामार्ग को तीन चरणों में खोलने की तैयारी की है। पहले चरण के तहत नागपुर से शिरडी और दूसरे चरण में 623 किमी हाइवे नागपुर से इगतपुरी तक का होगा। अंत में पूरे 701 किमी लंबा हाइवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी।
देश का सबसे हाईटेक हाइवे
देश के सबसे हाईटेक हाइवे के पूरी तरह से तैयार हो जाने पर मुंबई से नागपुर केवल 8 घंटे में पहुंचना संभव होगा। मौजूदा समय में यह सफर पूरा करने में 13 से 15 घंटे लगते हैं। मुंबई के सबसे बड़े महामार्ग पर 300 से अधिक छोटे-बड़े पुल होंगे। मार्ग में 240 छोटे पुल, 54 फ्लाइओवर और 28 बड़े पुल तैयार हो रहे हैं। यह हाइवे राज्य के 10 जिलों से हो कर गुजरेगा।
इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग व्यवस्था
हाइवे पर इलेक्ट्रिक वाहनों का भी पूरा खयाल रखा जाएगा। हर 40 से 50 किमी पर हाइवे के दोनों तरफ चार्जिंग की व्यवस्था होगी। यह हाइवे देश का पहला हाइवे है, जिसके दोनों तरफ सुरक्षा दीवार का निर्माण किया जा रहा है।
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