आने वाले हालात की झलक?’ बांग्लादेश के चुनाव अधिकारी की गिरफ्तारी पर महुआ मोइत्रा की पोस्ट से विवाद, BJP ने किया पलटवार
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को बांग्लादेश के पूर्व चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की एक पुरानी तस्वीर साझा कर नया विवाद खड़ा कर दिया। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि यह “आने वाले हालात की झलक” है जो INDI ब्लॉक के उस आरोप की ओर इशारा था कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) प्रमुख “सत्तारूढ़ BJP के साथ मिलकर चुनावों में धांधली” कर रहे..
नयी दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने बुधवार को बांग्लादेश के पूर्व चुनाव आयुक्त की गिरफ्तारी की एक पुरानी तस्वीर साझा कर नया विवाद खड़ा कर दिया। इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा कि यह “आने वाले हालात की झलक” है जो INDI ब्लॉक के उस आरोप की ओर इशारा था कि भारत के चुनाव आयोग (ECI) प्रमुख “सत्तारूढ़ BJP के साथ मिलकर चुनावों में धांधली” कर रहे हैं।
BJP का तीखा वार: ‘देश के दुश्मन जैसी भाषा’
महुआ मोइत्रा के इस पोस्ट पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने कहा, “महुआ मोइत्रा भारत की सांसद हैं, लेकिन उनकी भाषा देश के दुश्मनों जैसी लगती है। वह भारत की तुलना बांग्लादेश से कर क्या संदेश देना चाहती हैं?”
उन्होंने आगे कहा कि पहले RJD नेताओं ने भी ऐसी ही बयानबाज़ी की थी कि यदि वे चुनाव हार गए तो भारत को ‘बांग्लादेश या नेपाल’ जैसा बना दिया जाएगा। पूनावाला कहा, “हमने राहुल गांधी को भी कहते सुना कि उनकी लड़ाई भारतीय राज्य से है।”
राहुल गांधी ने फिर उठाए SIR प्रक्रिया पर सवाल
इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे Special Intensive Revision (SIR) अभियान पर गंभीर सवाल उठाए।
12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के AICC पदाधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि कांग्रेस को इस अभियान का “राजनीतिक, संगठनात्मक और कानूनी स्तर पर मुकाबला करना होगा”।
स्रोतों के अनुसार, राहुल ने कहा कि सही मतदाता सूची तैयार करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है, लेकिन अब वह इसका बोझ राजनीतिक दलों पर डाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया जिस तरह आगे बढ़ रही है, उससे “वास्तविक मतदाताओं को हटाने” का खतरा पैदा हो सकता है।
कई अन्य कांग्रेस नेताओं ने भी इसी तरह की चिंताएँ जताईं, SIR को “लोकतंत्र खत्म करने की साज़िश” और “वोट चोरी” का नया तरीका बताया।
EC का दावा: 98.54% योग्य मतदाताओं तक फॉर्म पहुंचा
विवाद जारी रहने के बीच चुनाव आयोग ने अपनी प्रगति रिपोर्ट में कहा कि 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में 50.25 करोड़ एनुमरेशन फॉर्म वितरित किए जा चुके हैं, जो कुल 50.97 करोड़ मतदाताओं का 98.54% हिस्सा है।
इस चरण में शामिल क्षेत्र हैं छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पुदुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप।
इनमें से तमिलनाडु, केरल, पुदुचेरी और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होंगे। असम में भी 2026 चुनावों के मद्देनज़र सोमवार को विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण को मंजूरी दी गई है।
SIR का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू हो चुका है और 4 दिसंबर तक जारी रहेगा।
राहुल का लगातार दावा: परिणाम ‘चौंकाने वाले’, प्रक्रिया संदिग्ध
राहुल गांधी ने पिछले सप्ताह बिहार चुनाव परिणामों को “चौंकाने वाला” बताते हुए कहा था कि चुनाव शुरू से ही निष्पक्ष नहीं थे।
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया कि नतीजे “प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और चुनाव आयोग द्वारा की गई बड़े पैमाने की वोट चोरी” को दर्शाते हैं।
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