कोल्हापुर के जैन मंदिर से वनतारा भेजी गई हाथी 'महादेवी' की वापसी के लिए महाराष्ट्र सरकार करेगी हस्तक्षेप..
36 वर्षीय गठिया पीड़ित हथिनी महादेवी (जिसे माधुरी के नाम से भी जाना जाता है) को गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा रेस्क्यू सेंटर से वापस लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार अब कानूनी हस्तक्षेप करेगी। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस समय लिया..
मुंबई। 36 वर्षीय गठिया पीड़ित हथिनी महादेवी (जिसे माधुरी के नाम से भी जाना जाता है) को गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा रेस्क्यू सेंटर से वापस लाने के लिए महाराष्ट्र सरकार अब कानूनी हस्तक्षेप करेगी। यह निर्णय बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उस समय लिया जब महादेवी की विदाई के बाद जनता के भारी विरोध और भावनात्मक प्रतिक्रिया ने राज्य भर में हलचल मचा दी।
क्या है पूरा मामला?
महादेवी पिछले 30 वर्षों से अधिक समय से कोल्हापुर के स्वस्तिश्री जिनसेन भट्टारक पत्ताचार्य महास्वामी संस्था, नंदनी में रह रही थी। लेकिन जुलाई में सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें महादेवी को रिलायंस फाउंडेशन द्वारा संचालित वनतारा सेंटर, जामनगर में भेजने का निर्देश दिया गया था।
यह याचिका PETA (People for Ethical Treatment of Animals) जैसी पशु कल्याण संस्थाओं द्वारा दायर की गई थी, जिसमें हथिनी की शारीरिक स्थिति को कमजोर और मंदिर में उचित देखभाल की कमी को उजागर किया गया।
महत्वपूर्ण घटनाक्रम
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तारीख |
घटना |
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22 जुलाई |
सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को मंजूरी दी |
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28 जुलाई |
महादेवी को जामनगर स्थित वनतारा भेजा गया |
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3 अगस्त |
कोल्हापुर में 45 किमी लंबा मार्च; जिओ मोबाइल सेवा का बहिष्कार |
जनता का गुस्सा और राजनीतिक समर्थन
- हज़ारों लोगों ने महादेवी की वापसी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।
- प्रदर्शनकारियों ने जिओ मोबाइल नेटवर्क का बहिष्कार किया और 45 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली।
- कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना (UBT), और स्वाभिमानी पक्ष जैसे विभिन्न दलों के नेता समर्थन में आगे आए।
सरकार का रुख:
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मंगलवार को इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाई। बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, कांग्रेस के एमएलसी सतेज पाटिल, पूर्व सांसद राजू शेट्टी और नंदनी मठ के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक के बाद फडणवीस ने कहा, "जनभावनाओं को देखते हुए राज्य सरकार कानूनी प्रक्रिया में हस्तक्षेप करेगी। नंदनी मठ सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेगा और राज्य सरकार उसमें हस्तक्षेप याचिका (intervention application) देगी।"
साथ ही मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि कोल्हापुर के मठ परिसर में ही वनतारा जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं ताकि महादेवी की देखभाल बेहतर तरीके से स्थानीय स्तर पर की जा सके।
वन विभाग को अतिरिक्त निर्देश
अजित पवार ने बैठक में यह जानकारी दी कि महाराष्ट्र के अन्य मंदिरों और क्षेत्रों से भी 3-4 हाथियों को वनतारा भेजा गया है। उन्होंने राज्य वन विभाग को यह जानकारी इकट्ठा करने के निर्देश दिए हैं कि और कितने हाथियों को राज्य से बाहर ले जाया गया है।
वनतारा की प्रतिक्रिया
वनतारा ने स्पष्ट किया है कि उसने महादेवी को खुद स्थानांतरित नहीं किया बल्कि "न्यायालय द्वारा नियुक्त रिसीविंग सेंटर" की भूमिका निभाई है।
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