उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की पुजारियों की मांग स्वीकार की

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और गंगोत्री पुजारी संघ की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें चारधाम के मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई ..

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक की पुजारियों की मांग स्वीकार की
28-01-2026 - 12:47 PM

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और गंगोत्री पुजारी संघ की उस मांग को स्वीकार कर लिया है, जिसमें चारधाम के मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की बात कही गई थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार बीकेटीसी और चारधाम के पुजारियों की इस मांग को पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, “राज्य सरकार बीकेटीसी और पुजारी संघ की मांगों को पूरा करने के लिए उचित कदम उठाएगी। हमारे सभी प्राचीन धार्मिक स्थल और मंदिर गंगा सभा, तीर्थ सभा, केदार सभा और बीकेटीसी जैसी पुजारी संस्थाओं द्वारा संचालित किए जाते हैं। सरकार उनकी इच्छाओं के अनुसार आगे बढ़ेगी।”

उन्होंने आगे कहा, “कई धार्मिक स्थलों से जुड़े कानून ब्रिटिश काल में भी बनाए गए थे। हम उन कानूनों का अध्ययन कर रहे हैं और उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।”

इससे पहले, बदरीनाथ और केदारनाथ जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों की देखरेख करने वाली संस्था बीकेटीसी के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने घोषणा की थी कि समिति के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। उन्होंने कहा, “इस संबंध में बीकेटीसी की आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पारित किया जाएगा।”

हेमंत द्विवेदी ने आगे कहा, “देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं की रक्षा सर्वोपरि है। परंपरागत रूप से केदार खंड से लेकर कुमाऊं के मानस खंड तक स्थापित मंदिरों की श्रृंखला में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक रही है। हालांकि, गैर-भाजपा सरकारों के कार्यकाल में इन परंपराओं का कई बार उल्लंघन हुआ। अब इन परंपराओं को फिर से लागू करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे।”

बीकेटीसी प्रमुख के विचारों का समर्थन करते हुए गंगा सभा के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने कहा, “गंगोत्री और अन्य चारधाम तीर्थ स्थल पर्यटन केंद्र नहीं हैं। ये पूरी तरह से धार्मिक तीर्थस्थल हैं और श्रद्धालुओं का दायित्व है कि वे यहां की पवित्रता बनाए रखें। आने वाले तीर्थयात्रा सत्र से गैर-हिंदुओं के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।”

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।