राजस्थान में एंटी गैगस्टर टास्क फोर्स गठन, सुपर कॉप दिनेश एमएन बने इस टास्क फोर्स के प्रमुख
<p><em>राजस्थान अपराधों का ग्राफ बहुत तेजी ते साथ बढ़ा है लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल के सत्तारूढ़ होने के साथ ही राज्य में गैंगस्टरों पर लगाम कसने की शुरुआत हो गयी है। इसके लिए राजस्थान में 'एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स' का गठन कर दिया गया है। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक उमेश मिश्ना ने राज्य पुलिस सिंघम नाम से प्रसिद्ध एडीजी क्राइम दिनेश एमएन को इस टास्क फोर्स का प्रमुख बनाया है।</em></p>
उल्लेखनीय है कि बीते दिनों जयपुर में राष्ट्रीय करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की दिन-दहाड़े गोली मारकर हत्या की गयी थी। गैंगस्टर रोहित गोदारा ने इस हत्याकांड की जिम्मेदारी ली। इसके बाद से ही राजस्थान में हुए कानून व्यवस्था को लेकर जमकर सवाल उठे। इसी के मद्देनजर राज्य में भारतीय जनता पार्टी की भजनलाल सरकार बनते ही सबसे पहले एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
इस फोर्स में कुल 65 अफसर और कर्मचारियों की नियुक्ति होगी। स्पेशल गैंगस्टर टास्क फोर्स के ढांचे में एक ADG, एक आईजी या डीआईजी, एक एसपी, दो एडिशनल एसपी, 4 डिप्टी एसपी, 4 पुलिस इंस्पेक्टर, 12 सब इंस्पेक्टर और असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के साथ 40 हेड कांस्टेबल और ऑफिस कार्य के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर भी शामिल होंगे।
बाल की खाल निकालने के लिए मशहूर है दिनेश एमएन
राजस्थान कैडर 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी दिनेश वर्तमान में एडीजी क्राइम के पद पर तैनात हैं। दिनेश मूलतः कर्नाटक राज्य से हैं। उन्हें राजस्थान के सिंघम' नाम से जाना जाता है। एडीजी दिनेश का नाम सुनकर बड़े से बड़े अपराधियों के दिल कांप जाते हैं। एडीजी दिनेश के बारे में कहा जाता है कि वह जब भी कोई मामले की जांच करते हैं तो, उसकी बाल की खाल निकाल देते हैं। यानी उस मामले की तह में जाकर पूरा खुलासा करते हैं। इधर, जयपुर में गोगामेड़ी की हत्या के मामले का खुलासा भी एडीजी दिनेश की एंट्री के बाद ही खुला। ADG दिनेश के निर्देशन में पुलिस ने गोगामेडी हत्याकांड के दो शूटर नितिन फौजी और रोहित राठौड़ को चंडीगढ़ से दबोचा था।
गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का किया था सफाया
बता दें कि आईपीएस दिनेश को सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में 7 साल की जेल की सजा भुगतनी पड़ी थी। इस दौरान वे गुजरात की साबरमती जेल में बंद रहे। लेकिन बाद में इस केस में बरी हो गए और उन्होंने वापस पुलिस सेवा ज्वाइन की।। इसके बाद आईपीएस दिनेश ने राजस्थान पुलिस की दो बड़ी एजेंसियां एसओजी और एसीबी में कई बड़े खुलासे किए। आईपीएस दिनेश ने राजस्थान के कुख्यात गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का सफाया किया था। उन्होंने ही आनंदपाल सिंह का एनकाउंटर किया।
बड़े अफसर को भी नहीं बक्शा
अपने तेज तर्रार तेवरों के कारण आईपीएस दिनेश काफी सुर्खियों में रहे। इस दौरान उन्होंने एंटी करप्शन में रहते हुए कई आईएएस, आईपीएस और आईआरएस समेत कई बड़े अधिकारियों को रिश्वत लेते हुए पकड़ा। इस दौरान उन्होंने खनन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक सिंघवी को ढाई करोड़ रुपए की रिश्वत के साथ गिरफ्तार किया। यह मामला राजस्थान की काफी सुर्खियों में रहा। इसके अलावा भी दिनेश ने बारां, अलवर कलेक्टर और दौसा के एसपी मनीष अग्रवाल समेत कई अधिकारियों को रिश्वत प्रकरण में दबोचा।
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