हो जाएं सतर्क,फिर से पैर पसार रहे H3N2 वायरस से बचने के लिए बरतें सावधानियां

<p>देश में एक दिन में तीन महीने बाद कोरोना के 500 से ज्यादा मामले सामने आए हैं, वहीं, H3N2 वायरस का अटैक भी चरम पर है, इंडियन काउंसिल फ़ॉर मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक़ कमज़ोर इम्युनिटी ख़ासकर बच्चे, बूढ़े और बीमार लोगों में इसके गंभीर लक्षण देखे जा सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने भी गाइडलाइन्स जारी कर कहा कि ऐसे में एक बार फिर से मास्क पहनने और हाथ को बार-बार धुलने शुरू कर दें। &nbsp;</p>

हो जाएं सतर्क,फिर से पैर पसार रहे H3N2 वायरस से बचने के लिए बरतें सावधानियां
16-03-2023 - 12:42 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

आईसीएमआर ने संक्रमण को रोकने के उपाय बताए हैं। इसमें अधिकतर उन उपायों को ही बताया गया है जिन्हें कोरोना महामारी के दौरान लगातार अपनाए जाने की सलाह दी जाती थी। 

H3N2 व कोरोना के वायरस के लक्षण समान 
आईसीएमआर  के अनुसार H3N2 वायरस  या कोरोना दोनों ही एक से दूसरे में तेजी से फैलते हैं और सांस या ड्रॉपलेट्स से जरिए ये संक्रामक तेजी से फैलता है। दोनों ही वायरस का अटैक फेफड़े पर होता है। इंफेक्शन होने के साथ ही खांसी, जुकाम और गले में दर्द और खराश बढ़ जाती है। मांसपेशियों और शरीर में दर्द और पेट खराब होना भी कॉमन लक्षण हैं, कुछ गंभीर मामलों मे सांस लेने में दिक्कत भी होती है। सांस, थूक और छींक के छींटे एयर ड्रॉपलेट में जाकर मिल जाते हैं, इससे इंफेक्शन बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है।ऐसी स्थिति में बार-बार हाथ धोना, इंफेक्शन से बचाव और रोकथाम में मददगार हो सकता है। 

वायरस के सम्पर्क के चार दिन बाद दिखते हैं लक्षण 
कोरोना या H3N2 Virus के लक्षण आमतौर पर वायरस के संपर्क में आने के एक से चार दिन बाद दिखाई देते हैं, और वे पांच से सात दिनों तक रहते हैं. जिन लोगों को फ्लू या कोरोना वैक्सीन लगी है, उनके लक्षण कम गंभीर हो सकते हैं, लेकिन तभी जब वैक्सीन का असर यानी एंटीबॉडीज अभी भी वायरस से लड़ने के लिए पर्याप्त मात्रा में शरीर में हों। 

Covid और H3N2 वायरस से कैसे करें बचाव 

क्या करें-

फेस मास्क लगाएं
साबुन या सेनिटाइजर से हाथ साफ करते रहें
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें
छींकते वक्त मुंह-नाक ढंकें
बुखार हो तो सिर्फ पैरासिटामोल लें

क्या ना करें-

हैंडशेक या गले मिलने से बचें
सार्वजनिक जगहों पर ना थूकें
भीड़-भाड़ वाली जगह पर ना जाएं
एंटी-बायोटिक दवाएं ना लें
 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।