पुलिस के ड्रोन को पतंग से काटकर गिराने की कोशिश कर रहे किसान..!

<p><em>किसानों को रोकने के लिए पुलिस ड्रोन की मदद से आंसू गैस के गोले छोड़ रही है, वहीं दूसरी तरफ किसानों ने पुलिस ड्रोन का तोड़ निकाल लिया है। किसान प्रदर्शनकारी ड्रोन के जवाब में पतंग उड़ा रहे हैं, ताकि ड्रोन पतंग के मांझे में फंस कर नीचे गिर जाए।&nbsp;</em></p>

पुलिस के ड्रोन को पतंग से काटकर गिराने की कोशिश कर रहे किसान..!
15-02-2024 - 11:46 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

किसान आंदोलन में ड्रोन का मुकाबला करने के लिए पतंगबाजी की नई तरकीब सामने आई है। दिल्ली में घुसने की कोशिश करके किसानों पर जहां पुलिस की तरफ से ड्रोन की मदद से आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे तो किसानों ने ड्रोन के जवाब में पतंग उड़ाई। ऐसा करने पर ड्रोन को पीछे की ओर लौटना पड़ा। दिल्ली के शंभू बार्डर पर किसान प्रदर्शकारियों की तरफ से ड्रोन और पतंग उड़ाने के वीडियो भी सामने आए हैं।
मांझे से डायवर्ट कर रहे ड्रोन
ड्रोन से किसानों के ऊपर आंसू गैस के गोले छोड़ने को बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने जहां आलोचना की है, तो वहीं दूसरी तरफ से किसानों ने ड्रोन से लड़ने के लिए पतंग को हथियार बना लिया है। किसान पतंग के मांझे से अब पुलिस के ड्रोन एक्शन को डायवर्ट करने की कोशिश कर रहे हैं। किसान शंभू बॉर्डर पर इतनी बड़ी तादाद में पतंग उड़ा रहे हैं कि पुलिस का ड्रोन अपने रास्ते से भटक जा रहा है। इससे किसानों पर ड्रोन से आंसू गैस के गोले नहीं छोड़े जा पा रहे हैं। पुलिस यह कार्रवाई किसानों को तितर-बितर करने के लिए कर रही है। किसानों के दिल्ली में प्रवेश को रोकने के लिए इसके अलावा किसानों ने आंसू गैस के गोलों को निष्क्रिय करने के लिए किसानों ने वाटर स्प्रे और गीली बोरियां लगाई हैं।
टेनिस बॉल से भी मुकाबला
ड्रोन के मुकाबले में पतंग उड़ाने के वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। किसानों पर पहले दिन ज्यादा संख्या में ड्रोन से आंसू गैस के गोले छोड़े गए थे, तो जवाब में किसानों ने पत्थर फेंकर ड्रोन को गिराने की कोशिश की थी। इसमें प्रदर्शनकारी किसान ही घायल हो गए थे, दूसरे दिन किसान पतंग के साथ ड्रोन का मुकाबला करने के लिए टेनिस बॉल लेकर पहुंचे। पंजाब के किसान एमएसपी की मांग को लेकर दिल्ली कूच पर आमादा है। पंजाब के किसानों का हरियाणा और दिल्ली में रास्ता रोका गया। इससे आम लोगों को दिक्कत भी हो रही है। इस मुद्दे पर 15 फरवरी को पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में फिर से सुनवाई होगी।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।