Azadi ka Amrit Mahotsav : लाल किले पर पीएम मोदी ने किया झण्डारोहण और भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर जमकर सुनाई खरी-खोटी
<p><strong>Azadi ka Amrit Mahotsav :</strong></p>
पूरा देश आज पूरा देश Azadi ka Amrit Mahotsav मना रहा है। देश में 75वां स्वतंत्रता दिवस मनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज तिरंगे रंग में रंगे लाल किले की प्राचीर से 9वीं बार झण्डारोहण किया। उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। इससे पूर्व उन्होंने राजघाट पर जाकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। पीएम मोदी ने इससे पहले ट्वीट कर पूरे देश को 75वें स्वाधीनता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। 76वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के समापन के तुरंत बाद, लाल किले से तिरंगे के गुब्बारे छोड़े गए।
पीएम मोदी ने कहा कि आज हम दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, भ्रष्टाचार और 'परिवारवाद' या भाई-भतीजावाद। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, हमें इससे लड़ना है। हमें अपनी संस्थाओं की ताकत का एहसास करने के लिए, योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने के लिए 'परिवारवाद' के खिलाफ जागरूकता बढ़ानी होगी। पीएम मोदी ने कहा कि मैं भाई भतीजावाद, परिवारवाद की बात करता हूं तो लोगों को लगता है मैं सिर्फ राजनीतिक क्षेत्र की बात कर रहा हूं। दुर्भाग्य से राजनीति की इस बुराई ने हिन्दुस्तान की सभी संस्थाओं में परिवारवाद को पोषित कर दिया है। इससे मेरे देश की प्रतिभा को नुकसान होता है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार को मिटाने के लिए आपका साथ चाहिए। आपसे भ्रष्टाचार से लड़ने की शक्ति चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा, उन्हें लौटाना होगा। बैंक लूटनेवालों की संपत्ति जब्त हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशवासियों को संकल्प दिलाया कि अब हमें रुकना नहीं है, अगले 25 साल में भारत को विकसित राष्ट्र बनाना ही होगा। हमें छोटा नहीं अब बहुत बड़ा लक्ष्य लेकर चलना होगा। पीएम ने एक तरफ बापू, सुभाष को याद करते हुए नेहरू को नमन किया तो सावरकर के त्याग का भी जिक्र किया। उन्होंने इतिहास में भुला दिए गए उन क्रांतिकारियों को भी याद किया जिन्हें आजादी का अमृत महोत्सव में नमन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि किसी न किसी कारण से हमारे अंदर यह विकृति आई है। हमारे बोलचाल में, हमारे व्यवहार में, हमारे कुछ शब्दों में.. हम नारी का अपमान करते हैं... क्या हम स्वभाव से, संस्कार से, रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं।
उन्होंने कहा कि आज का दिवस ऐतिहासिक दिवस है। एक पुण्य पड़ाव, एक नई राह, एक नए संकल्प और नए सामर्थ्य के साथ कदम बढ़ाने का यह शुभ अवसर है। आजादी की जंग में गुलामी का पूरा कालखंड संघर्ष में बीता है। भारत का कोई कोना ऐसा नहीं था, जब देशवासियों ने सैकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न किया हो। जीवन न खपाया हो, आहुति न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए ऐसे हर महापुरुष के लिए नमन करने का अवसर है। उनका स्मरण करते हुए उनके सपनों को पूरा करने के लिए संकल्प लेने का भी अवसर है। आज हम सभी कृतज्ञ हैं पूज्य बापू के, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, बाबा साहब आंबेडकर, वीर सावरकर के जिन्होंने कर्तव्य पथ पर जीवन को खपा दिया। यह देश कृतज्ञ है मंगल पांडे, तात्या टोपे, भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु, चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां, राम प्रसाद बिस्मिल। ऐसे क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत की नींव हिला दी।
मोदी ने कहा कि आजादी की जंग लड़ने वाले और आजादी के बाद देश बनाने वाले डॉ. राजेंद्र प्रसाद हों, नेहरू जी हों, सरदार वल्लभ भाई पटेल, श्यामा प्रसाद मुखर्जी, लाल बहादुर शास्त्री, दीनदयाल उपाध्याय, जय प्रकाश नारायण, लोहिया, विनोबा भावे, नानाजी देशमुख, सुब्रमण्यम भारती ऐसे अनगिनत महापुरुषों को आज नमन करने का अवसर है। हम नहीं भूल सकते भगवान बिरसा मुंडा, सीताराम राजू, गोविंद गुरु अनगिनत नाम हैं जिन्होंने आजादी के आंदोलन की आवाज बनकर दूर जंगलों में आदिवासियों में मातृभूमि के लिए जीने मरने की प्रेरणा जगाई। देश का सौभाग्य रहा है कि आजादी के जंग के कई रूप रहे हैं। एक रूप यह भी रहा जिसमें नारायण गुरु हो, स्वामी विवेकानंद हो, महर्षि अरविंदों हो, टैगोर हो ऐसे अनेक महापुरुष भारत की चेतना को जगाते रहे।
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव के दौरान उन सभी महापुरुषों को याद करने का प्रयास किया गया जिनको किसी न किसी कारण से इतिहास में जगह न मिली, या उन्हें भुला दिया गया। देश ने खोज-खोज कर हर कोने में ऐसे लोगों को याद किया नमन किया। अमृत महोत्सव के दौरान इन सभी महापुरुषों को याद किया। कल 14 अगस्त को भारत ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस भी बड़े भारी मन से हृदय के गहरे घावों को याद करके मनाया।
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