Azadi Ka Amrit Mahotsav : मेरा देस रंगा आजादी के अमृत महोत्सव के रंग में
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देश Azadi Ka Amrit Mahotsav मनाने में जुटा है। आजादी के 75वें वर्ष के इस मौके पर हर तिरंगा अभियान चल रहा है। जहां देखिये सड़कें अटी पड़ी हैं तिरंगे रंग में। कहीं प्रभात फेरी तो कहीं मोटरसाइकिल रैलियां निकाली जा रही हैं। कहीं-कहीं पर देशभक्ति के गानों की गूंज है तो कहीं पर शहीद स्मारकों में फूल चढ़ाये जा रहे हैं। रात्रि में शहर की इमारतों पर तिरंगे के रंग में रोशनी देखने को मिल रही हैं। बड़ी-बड़ी इमारतों के साथ पुलों को तिरंगे के रंग में सजाया गया है।
यह हाल देश के केवल एक राज्य या शहर का नहीं है, पूरे देश में एक जैसा माहौल है। क्या बच्चे और क्या बड़े सभी तिरंगा ध्वज हाथों में लेकर चल रहे हैं। कुछ ने अपने-अपने वाहनों पर तिरंगे तो लगा रखा है। चारों और भारत माता की जय की जयघोष गूंज रहे हैं। देशभक्ति की पृष्ठभूमि में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। जहां पर बड़े कलाकार उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं, वहां पर आम नागरिक ही अनूठे अंदाज में कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। बाजार का वातावरण बदला-बदला सा है। इसे देखकर कंपनियों के विज्ञापनों में भी आजादी के महोत्सव की गूंज सुनाई दे रही है। विज्ञापनों के माध्यम से देशभक्ति से संबंधित संदेश दिये जा रहे हैं।
आजादी के अमृत महोत्सव का विशेष ध्यान रखते हुए बाजारों में रौनक है। कहीं-कहीं पर मंदिरों में ईश्वर की मूर्तियों को भी तिरंगे वस्त्र पहनाये गये हैं। बहुत से बाजारों और विशेषतौर पर बड़ी दुकानों और मॉल में इस मौके पर खरीदारी के लिए विशेष छूट दी जा रही हैं। ऑनलाइन खरीद पर विशेष योजनाएं चलाई गई हैं।
आमतौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर राष्ट्रीय ध्वज के स्थान पर भगवा ध्वज लहराये जाने का आरोप लगाया जाता रहा है लेकिन इस बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नागपुर स्थित मुख्यालय पर तिरंगा झण्डा लहराया जाकर आरोप लगाने वालों को जवाब दिया गया है कि राष्ट्र और राष्ट्रीय उत्सव पहले है। कहीं-कहीं पर देश के इस अभियान के विरुद्ध भी कार्यक्रम के समाचार हैं। बिहार के मुजफ्फर नगर जिले में एक इमाररत पर तिरंगे का अपमान करते हुए फटे हुए झण्डे को ही लहरा दिया गया है। इसके साथ ही इस झण्डे पर चांद-तारे का निशान भी बना दिया गया है।
मोबाइल फोनों के जरिये इस आशय के संदेश दिये जा रहे हैं कि Azadi Ke Amrit Mahotsav के मौके पर हमें देश को अपमानित किये जाने की घटनाओं और संदेशों की उपेक्षा करनी है। महोत्सव के बाद झण्डों को कटा-फटा नहीं रखना है और ना ही जमीन पर फेंक देना है। राष्ट्रीय सम्मान का पूरा-पूरा ध्यान रखना है और किसी भी स्थिति में अप्रिय स्थिति से बचना है। आमजन के मोबाइल फोन की डीपी बदली जा चुकी है। आपस में देश भक्ति के संदेश प्रसारित किये जा रहे हैं। इसके अलावा देशभक्ति से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। लोग अपने-अपने गांव और शहरों की सजावट के वीडियो पोस्ट कर रहे हैं। क्या जयपुर और क्या जबलपुर और मुंबई और दिल्ली सभी स्थानों के सजावट के वीडियो वायरल हो रहे हैं।
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