बीआरआई में जाना बहुत बड़ी गलती थी...इटली ने माना चीन के बेल्ट एंड रोड का सच

<p><em><strong>चीन और इटली के बीच बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव गले की फांस बन गया है। इटली अब इस समझौते से बाहर निकलना चाहता है लेकिन उसे चीन के साथ संबंधों के खराब होने का भी डर सता रहा है। इटली के रक्षा मंत्री ने बीआरआई में शामिल होने के फैसले की आलोचना की है।</strong></em></p>

बीआरआई में जाना बहुत बड़ी गलती थी...इटली ने माना चीन के बेल्ट एंड रोड का सच
31-07-2023 - 08:40 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने रविवार को एक इंटरव्यू में कहा कि चार साल पहले चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) में शामिल होने का इटली का फैसला ‘बहुत खराब’ था क्योंकि इसने निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कुछ नहीं किया। इटली की पिछली सरकार ने बीआरआई पर साइन किए थे और ऐसा कदम उठाने वाला इकलौता प्रमुख पश्चिमी देश बन गया। क्रोसेटो उस प्रशासन का हिस्सा हैं जो इस बात पर विचार कर रहा है कि समझौते से कैसे बाहर निकला जाए।

पुराने सिल्क रोड के पुनर्निर्माण की परिकल्पना

बीआरआई स्कीम में बड़े बुनियादी ढांचे के खर्च के साथ चीन को एशिया, यूरोप और उससे आगे से जोड़ने के लिए पुराने सिल्क रोड के पुनर्निर्माण की परिकल्पना की गई है। आलोचक इसे भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव को बढ़ाने के लिए चीन की एक ‘चाल’ के रूप में देख रहा है। क्रोसेटो ने कोरिएरे डेला सेरा अखबार को बताया, नए सिल्क रोड में शामिल होने का फैसला एक ‘तात्कालिक और बहुत खराब’ कदम था, जिसने इटली के लिए चीन के निर्यात को कई गुना बढ़ा दिया, लेकिन चीन को इटली के निर्यात पर उतना असर नहीं डाला।’
चीन से रिश्ते खराब नहीं करना चाहता इटली
इटली के रक्षा मंत्री ने कहा, ‘आज का मुद्दा यह है कि चीन के साथ संबंधों को नुकसान पहुंचाए बिना (बीआरआई से) कैसे पीछे हटना है क्योंकि यह सच है कि चीन एक प्रतिस्पर्धी है, लेकिन वह एक भागीदार भी है।’ गुरुवार को वाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन से मुलाकात के बाद इटली के प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कहा कि उनकी सरकार के पास बीआरआई पर फैसला लेने के लिए दिसंबर तक का समय है।
चीन जाएंगी इटली की पीएम
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह जल्द ही बीजिंग की यात्रा करेंगी। एक इंटरव्यू में मेलोनी ने कहा कि यह एक ‘विरोधाभास’ है कि भले ही इटली बीआरआई का हिस्सा है लेकिन यह चीन के साथ सबसे मजबूत व्यापारिक संबंधों वाला जी7 देश नहीं है। उन्होंने कहा, ‘इससे पता चलता है कि बीआरआई के बाहर भी आपके अच्छे संबंध और व्यापारिक साझेदारियां हो सकती हैं।’

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।