सुकन्या समृद्धि योजना, पीपीएफ और सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम्स पर बढ़ा ब्याज
<p><strong><em>नई दरों के अनुसार, डाकघर में तीन साल की जमा पर अब 5.8 फीसदी ब्याज मिलेगा। अभी तक यह दर 5.5 फीसदी थी।</em></strong></p>
सरकार ने गुरुवार को तीसरी तिमाही के लिए इन योजनाओं पर नई दरें जारी की है। सरकार ने कुछ लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में 0.3 फीसदी तक की वृद्धि की है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ने से जमा पर ब्याज दरें बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए ही सरकार ने यह कदम उठाया है। हालांकि, नौकरीपेशा लोगों के बीच लोकप्रिय बचत योजना पीपीएफ पर ब्याज दर को 7.1 फीसदी पर बरकरार रखा गया है।
इन स्कीम्स पर बढ़ी हैं दरें
नई दरों के अनुसार, डाकघर में तीन साल की जमा पर अब 5.8 फीसदी ब्याज मिलेगा। अभी तक यह दर 5.5 फीसदी थी। इस तरह चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में ब्याज दर में 0.3 फीसदी की वृद्धि होगी। वहीं, अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही के लिए वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर अब 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिलेगा। अभी तक इस योजना पर 7.4 फीसदी ब्याज मिल रहा है। किसान विकास पत्र की बात करें, तो सरकार ने इसकी अवधि और ब्याज दर दोनों में संशोधन किया है। किसान विकास पत्र पर ब्याज अब 7.0 फीसदी होगा, जो पहले 6.9 फीसदी था। वहीं, अब यह 124 महीने के बजाए 123 महीने में परिपक्व होगा।
रेपो रेट में इजाफे से बढ़ा जमा पर ब्याज
गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक मई से प्रमुख नीतिगत दर रेपो में 1.4 फीसदी की वृद्धि कर चुका है। इसके चलते बैंक जमा पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर रहे हैं। बैंकों ने पिछले महीनों में एफडी पर ब्याज दरों में काफी इजाफा किया है। इस समय आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति की बैठक चल रही है। शुक्रवार को इस बैठक में हुए ब्याज दर में बदलाव के फैसले की घोषणा होगी। माना जा रहा है कि आरबीआरी ब्याज दर में 0.50 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकता है।
सरकार करती है हर तीन महीने में समीक्षा
सरकार की तरफ से स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर ब्याज की हर तीन महीने में समीक्षा की जाती है। इस समीक्षा के दौरान ब्याज दर को बढ़ाने, घटाने या स्थिर रखने पर फैसला लिया जाता है। वित्त मंत्रालय की तरफ से इन ब्याज दरों को तय किया जाता है। इस बार दरें अक्टूबर से दिसंबर 2022 की तिमाही के लिए तय हुई हैं।
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