हाई कोर्ट ने जयपुर जिला कलक्टर को किया तलबः 78 वर्षीय वीरांगना को नहीं कर रहे थे जमीन का अलॉटमेंट
<p><em><strong>करीब 78 वर्षीय युद्ध विधवा को जमीन अलॉटमेंट नहीं करने के मामलें में राजस्थान हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जयपुर जिला कलक्टर को तलब किया हैं। जस्टिस इंद्रजीत सिंह की अदालत ने धरियाव कंवर की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए।</strong></em></p>
धरियाव कंवर के पति भंवर सिंह 1965 के युद्ध में शहीद हो गए थे। उन्हें नियमों के तहत जयपुर की फुलेरा तहसील में 25 बीघा जमीन अलॉट हुई थी। लेकिन अलॉटमेंट के बाद प्रशासन को पता चला कि जो जमीन अलॉट की गई हैं। वो गैर मुमकिन तलाई (नदी-नाले की जमीन) हैं, जिसका अलॉटमेंट नहीं किया जा सकता हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन ने रेवेन्यू बोर्ड को रेफरेंस बनाकर भेजा।
9 साल बाद भी नहीं मिली जमीन
रेवेन्यू बोर्ड ने 21 फरवरी 2014 को यह माना कि वीरांगना को गलत जमीन अलॉट कर दी गई हैं। लेकिन इसमें इनकी कोई गलती नहीं हैं। ऐसे में इन्हें दूसरी जगह जमीन अलॉट की जाए। लेकिन 9 साल बाद भी वीरांगना को दूसरी जगह जमीन अलॉट नहीं की गई। इस पर वीरांगना ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। यहां जिला प्रशासन की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि या तो जिला प्रशासन 2 हफ्ते में जवाब देकर बताए कि अलॉटमेंट का क्या हुआ। वरना 10 अगस्त को जयपुर जिला कलक्टर कोर्ट में हाजिर हो।
जमीन चिन्हित होने पर भी नहीं किया अलॉटमेंट
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ओपी मिश्रा ने बताया कि रेवेन्यू बोर्ड ने करीब 9 साल पहले जिला कलक्टर को निर्देशित किया था कि वीरांगना को उसके गृह जिले में ही दूसरी जमीन आवंटित की जाए। इसके बाद एसडीओ ने 4 दिसम्बर 2019 को जयपुर के ग्राम बीचून में जमीन चिन्हिंत भी कर ली। लेकिन उसके बाद भी जिला कलक्टर ने जमीन आवंटन के आदेश नहीं किए। इसे लेकर हमने कई बार जिला कलक्टर से पत्राचार भी किया। लेकिन उसके बाद भी जमीन अलॉटमेंट नहीं की गई। आज सुनवाई के दौरान हमने यह तथ्य हाईकोर्ट के सामने रखे। इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए जिला कलक्टर को निर्देश दिए है कि या तो वो 2 सप्ताह में इस पर कार्रवाई करके कोर्ट को अवगत करवा दे। अन्यथा 10 अगस्त को हाईकोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हो जाए।
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