थम्स अप, आंखों में चमक... इसरो चीफ सोमनाथ की यह तस्वीर बहुत कुछ कहती है !
<p><em><strong>घड़ी में दोपहर के करीब ढाई बजे थे। पूरा देश टीवी पर टकटकी लगाए बैठ गया था। चंद्रयान-3 को लॉन्च करने का समय आ गया था। ठीक 2 बजकर 35 मिनट पर एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिये चंद्रयान-3 को रवाना किया गया। इस दौरान अगर सबसे ज्यादा किसी की धड़कनें बढ़ी हुई थीं तो वह थे, इसरो चीफ एस. सोमनाथ।</strong></em></p>
टिक-टिक-टिक-टिक... बड़ी-सी घड़ी में काउंटडाउन चल रहा था। दोपहर के करीब ढाई बजे थे। पूरा देश दिल थामकर बैठ गया था। अचानक हर देशवासी सिर्फ मिशन चंद्रयान-3 के बारे में बात करने लगा। इस मिशन की सफलता उनके सपनों और महत्वाकांक्षाओं को पंख लगाने वाली है। इन सभी देशवासियों में सबसे ज्यादा धड़कनें इसरो चीफ एस. सोमनाथ की बढ़ी हुई थीं। इस मिशन से उनकी टीम की रात-दिन की मेहनत जुड़ी थी। चंद्रयान-2 की नाकामयाबी को पीछे छोड़ यह टीम दोबारा इतिहास रचने के लिए तैयार थी।
ठीक 2.35 बजे एलवीएम3-एम4 रॉकेट चंद्रयान-3 को लेकर रवाना हुआ। लेकिन, अभी बात खत्म नहीं हुई थी। मिशन को अपनी पहली परीक्षा में खरा उतरना था। रॉकेट के उड़ान भरने के लगभग 16 मिनट बाद वह पल आ गया। प्रोपल्सन मॉड्यूल रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया। ऐसा होते ही सोमनाथ की आंखें चमकने लगीं। खिलखिलाकर हंसते हुए उन्होंने थम्प्स-अप किया। यह तस्वीर उपलब्धियों के एलबम में सुनहरा पन्ना बनकर जुड़ गई।
लाल आंखों में दिख रही थी मेहनत
कई रातों से न सो सकीं लाल आंखें बता रही थीं कि सोमनाथ और उनकी टीम के लिए मिशन चंद्रयान-3 कितना महत्वपूर्ण है। इस बार उन्हें सफलता हासिल ही करनी है। दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंककर पीता है। चंद्रयान-2 की विफलता के बाद इसरो ने इस बार चूक की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। उसका हर कदम सही जगह पड़ रहा है। प्रोग्राम के अनुसार, चंद्रयान-3 की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ 23 अगस्त को शाम पांच बजकर 47 मिनट पर होनी है। ‘चंद्रयान-2’ मिशन के दौरान अंतिम क्षणों में लैंडर ‘विक्रम’ भटक गया था। इसके चलते वह ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करने में सफल नहीं हुआ था।
सफलता मिलते ही भारत एक खास क्लब में
भारत ने शुक्रवार को श्रीहरकिोटा में एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिये अपने तीसरे मून मिशन-‘चंद्रयान-3’ का सफल प्रक्षेपण किया। इस अभियान के तहत चांद की सतह पर एक बार फिर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का प्रयास किया जाएगा। इसमें सफलता मिलते ही भारत एक खास क्लब में शामिल हो जाएगा। यह उन देशों का क्लब है, जो चांद पर सॉफ्ट लैंडिंग कर चुके हैं। इनमें सिर्फ अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं। इस तरह भारत यह कीर्तिमान स्थापित करने वाला दुनिया का चैथा देश बन जाएगा।
थम्प्स-अप कर दी टीम को बधाई
इस मिशन को सफल बनाने के लिए इसरो चीफ और उनकी पूरी टीम ने रात-दिन मेहनत की है। शुक्रवार को जब इस मिशन ने पहली परीक्षा पास की तो वह खुशी सभी वैज्ञानिकों के चेहरों पर देखी जा सकती थी। रॉकेट के उड़ान भरने के लगभग 16 मिनट बाद प्रोपल्सन मॉड्यूल रॉकेट से सफलतापूर्वक अलग हो गया। यह वह पल था, जब पूरी टीम को इसरो चीफ एस. सोमनाथ ने चमकती आंखों से थम्प्स-अप कर बधाई दी। उनका यह जेस्चर कैमरे में कैद हो गया।
बधाई हो भारत! ...और छलछला आई आंखें
चंद्रयान-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद इसरो चीफ ने मिशन नियंत्रण कक्ष (एमसीसी) से बताया कि रॉकेट ने चंद्रयान-3 को कक्षा में सटीक तरह से स्थापित कर दिया है। वह बोले, ‘बधाई हो, भारत! चंद्रयान-3 ने चांद की ओर अपनी यात्रा शुरू कर दी है। हमारे प्रिय एलवीएम-3 ने पहले ही चंद्रयान-3 को पृथ्वी के चारों ओर सटीक कक्षा में स्थापित कर दिया है... आइए हम चंद्रयान-3 को आगे की कक्षा में बढ़ाने की प्रक्रिया और आने वाले दिनों में चंद्रमा की ओर इसकी यात्रा के लिए शुभकामनाएं व्यक्त करें।’
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