जयपुर नगर निगम में हाई वोल्टेज ड्रामा, ईमेल से रुका महापौर उपचुनाव, सौम्या का बर्खास्तगी आदेश रद्द
<p><em><strong>हाईकोर्ट ने निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें सरकार ने सौम्या गुर्जर को बर्खास्त किया था। </strong></em></p>
नगर निगम ग्रेटर (जयपुर) में गुरुवार 10 नवम्बर को यानी आज नये मेयर के लिए उपचुनाव हुआ। इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है। हाईकोर्ट ने निलंबित मेयर सौम्या गुर्जर की याचिका पर सुनवाई करते हुए राजस्थान सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें सरकार ने सौम्या गुर्जर को बर्खास्त किया था।
जस्टिस महेश गोयल ने सौम्या गुर्जर की याचिका की सुनवाई करते हुए कहा कि राज्य सरकार को सौम्या का पक्ष सुनना चाहिए था। याचिकाकर्ता को सुनवाई का मौका दिए बगैर महापौर पद से बर्खास्त करने पर हाईकोर्ट ने सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया।
इधर मतदान, उधर हाईकोर्ट के आदेश
राज्य सरकार ने 23 सितंबर को सौम्या गुर्जर को महापौर पद से बर्खास्त किया था। सौम्या और तीन अन्य पार्षदों पर पूर्व निगम आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने का आरोप है। पुलिस जांच में दोषी पाए जाने के बाद इस प्रकरण की न्यायिक जांच भी करवाई गई। न्यायिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद राज्य सरकार ने सौम्या गुर्जर और तीन अन्य पार्षदों को बर्खास्त कर दिया था। पिछले दिनों नये महापौर के उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हुई थी और गुरुवार 10 नवम्बर को मतदान प्रक्रिया चल रही थी। इसी बीच सौम्या गुर्जर की याचिका पर सुनवाई हुई और राजस्थान हाईकोर्ट ने सौम्या गुर्जर को बड़ी राहत देते हुए सरकार की ओर से जारी बर्खास्तगी के आदेश को रद्द कर दिया।
निर्वाचन आयोग ने लगाई रोक
नए महापौर के चुनाव के लिए सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान हुआ। मतदान में बीजेपी और कांग्रेस के सभी पार्षदों ने हिस्सा लिया। इससे पहले इन पार्षदों को बसों के जरिए होटलों से सीधे निगम मुख्यालय लाया गया। मतदान के दौरान ही हाईकोर्ट का फैसला आ गया। मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम 4 बजे काउंटिंग शुरू होनी है। ताजा अपडेट मिली है कि सौम्या गुर्जर और उनके वकील की ओर से ईमेल के जरिए सूचित करने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतगणना पर रोक लगा दी है।
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