31 साल बाद ज्ञानवापी में हिंदू करेंगे पूजा, मुसलमानों ने भी फैसले का किया स्वागत..
<p><em>फैसले का आगरा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। फैसले के आने के बाद मुस्लिम लोगों ने आपस में एक-दूसरे को मिठाई बांटी और कहा कि सारा मामला सुलहकुल से हल होना चाहिए।</em></p>
वाराणसी जिला कोर्ट ने बुधवार को हिंदुओं को ज्ञानवापी मस्जिद के सील बंद तहखाने के अंदर पूजा करने की अनुमति दे दी। कोर्ट ने जिला प्रशासन को अगले सात दिनों में जरूरी इंतजाम करने को कहा है। अदालत के आदेश के अनुसार, हिंदू श्रद्धालु अब ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर एक सील क्षेत्र ‘व्यासजी का तहखाना’ में प्रार्थना कर सकते हैं।
‘व्यासजी का तहखाना’ ठीक नंदी के सामने है। इस फैसले का आगरा में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने दिल खोलकर स्वागत किया है। फैसले के आने के बाद मुस्लिम लोगों ने आपस में एक-दूसरे को मिठाई बांटी और कहा कि सारा मामला सुलहकुल से हल होना चाहिए।
ज्ञानवापी परिसर में मौजूद व्यास जी का तहखाना 31 साल के बाद खुलने जा रहा है। कोर्ट ने स्थानीय प्रशासन को 7 दिनों के अंदर पूजा कराने की सारी व्यवस्था करने का आदेश दिया है। इस फैसले का आगरा के मुसलमानों ने गर्मजोशी के साथ दिल खोलकर स्वागत किया है। उन्होंने कहा है कि जो हिंदुओं का है वह हिंदुओं को मिले और जो मुसलमानों का है वह मुसलमानों को मिले। इस झगड़े को राजनीतिक रूप नहीं दिया जाए क्योंकि जब से देश आजाद हुआ है तब से कई राजनीतिक पार्टियों हिंदू-मुस्लिम कर राजनीतिक रोटियां सेंक रही है।
देश का होना चाहिए विकास
आगरा के मुस्लिम समुदाय ने ज्ञानवापी मंदिर मस्जिद विवाद पर कहा कि इस तरह के विवादों में कई साल से देश का विकास रुका हुआ है। साथ ही, मुस्लिम लोगों का भी विकास रुका है। हर राजनीतिक पार्टी ने उन्हें केवल वोट बैंक के तौर पर इस्तेमाल किया है, जिससे उनके समाज के विकास नहीं हुआ है। अब वह विवादों में फंसने वाले नहीं है। अब उन्हें देश की प्रगति में योगदान देना है। आगरा को सुलहकुल और गंगा जमुना तहजीब के वजह से जाना जाता है। इसलिए यह संदेश पूरे देश में आगरा से गूंजना चाहिए। ज्ञानवापी का विवाद मोहब्बत से हल हो सकता है।
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