इंडियन नेवी की बहादुरी : 11 ईरानी और 8 पाकिस्तानियों की बचाई जान
<p>भारतीय नौसेना ने एक बार फिर समुद्री लुटेरों के हमले को फेल कर दिया। एफवी ओमारी नामक मछली पकड़ने वाली नाव पर समुद्री लुटेरों के हमले की सूचना मिली थी। नौसेना ने आईएनएस शारदा को भी मौके पर रोक दिया। इसके बाद समुद्री लुटेरों की योजना को भी अपनी बहादुरी के चलते धूल चटाई।</p>
भारतीय नौसेना ने एक बार फिर समुद्री लुटेरों के प्लान को फेल कर दिया। 31 जनवरी 2024 को एफवी ओमारी नामक मछली पकड़ने वाली नाव पर समुद्री लुटेरों के हमले की सूचना मिली थी। उस इलाके में निगरानी कर रहे भारतीय नौसेना के जवानों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एफवी ओमारी का पता लगाया। यही नहीं नौसेना ने आईएनएस शारदा को भी मौके पर रोक दिया। इस त्वरित कार्रवाई के चलते समुद्री लुटेरों का प्रयास विफल हो गया।
क्या थी पूरी घटना जानिए
जानकारी के अनुसार, 31 जनवरी को एफवी ओमारिल, एक ईरानी झंडे वाले जहाज पर सात समुद्री डाकू सवार थे, जिन्होंने चालक दल को बंधक बना लिया था। आईएनएस शारदा ने 2 फरवरी 24 के शुरुआती घंटों में जहाज को रोक लिया। इसके बाद अपने अभिन्न हेलो और नौकाओं का उपयोग कर समुद्री डाकुओं को मजबूर किया ताकि जहाज के साथ चालक दल की सुरक्षित रिहाई हो सके। जहाज ने नाव के साथ चालक दल (नागरिक) के सदस्यों की सफलतापूर्वक रिहाई सुनिश्चित की है। जहाज ने सोमाली समुद्री डाकुओं की ओर से बंदी बनाए गए चालक दल के सदस्यों के स्वास्थ्य की जांच करने के लिए एफवी ओमारी पर बोर्डिंग भी की।
कुछ दिन पहले ही बचाई थी पाकिस्तानियों की भी जान
कुछ दिन पहले यानी सोमवार 29 जनवरी को भारतीय नौसेना ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए सोमालिया के ही पूर्वी तट के पास 19 पाकिस्तानों की जान बचाई थी। उन्हें ईरान के झंडे वाले जहाज में मौजूद 11 समुद्री लुटेरों ने बंधक बना लिया था। इसके बाद इंडियन नेवी ने रेस्क्यू के लिए युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा भेजा था। पाकिस्तानी जिस जहाज में बंधक बनाए गए थे उसका नाम एमवी अल नाईमी था।
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