ऐतिहासिक पहल: पीएम मोदी ने रखी 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव
<p><em><strong>एक ऐतिहासिक पहल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 6 अगस्त को देश भर में 508 रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की आधारशिला रखी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इन स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा।</strong></em></p>
पीएम मोदी अक्सर अत्याधुनिक सार्वजनिक परिवहन के साधनों के विकास पर जोर देते रहे हैं। यह देखते हुए कि रेलवे देशभर में लोगों के परिवहन का पसंदीदा साधन है, उन्होंने रेलवे स्टेशनों पर विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के महत्व पर जोर दिया है।
सिटी सेंटर के रूप में विकास
इस नजरिये से प्रेरित होकर देश भर में 1309 स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए अमृत भारत स्टेशन योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 24,470 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से इन स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। शहरों के दोनों किनारों के उचित विकास के साथ इन स्टेशनों को ‘सिटी सेंटर’ के रूप में विकसित करने के लिए मास्टर प्लान तैयार किए जा रहे हैं। यह एकीकृत नजरिया रेलवे स्टेशन के आसपास केंद्रित शहर के पूरे विकास को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं।
जल्द ही सभी रेल ट्रैकों का विद्युतीकरण
अमृत रेलवे स्टेशनों के पुनर्विकास की नींव रखने के दौरान अपने संबोधन में पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि 2014 से पहले देश में 6000 से भी कम रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज थे। हालांकि अब यह बढ़कर 10,000 से अधिक हो गया है। जल्द ही सभी रेल ट्रैकों का विद्युतीकरण कर दिया जाएगा। पिछले नौ साल में सौर पैनलों से बिजली पैदा करने वाले रेलवे स्टेशनों की संख्या 1,200 से अधिक हो गई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुनर्विकसित किए जा रहे ये सभी रेलवे स्टेशन भारत की गौरवशाली विरासत के प्रतीक बनेंगे।
विपक्ष को लिया आड़ेहाथ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारे देश में विपक्ष का एक धड़ा आज भी पुराने ढर्रे पर चल रहा है। देश ने आज की और भविष्य की जरूरतों की चिंता करते हुए संसद की आधुनिक इमारत बनवाई। लेकिन विपक्ष के इस धड़े ने नई संसद का भी विरोध किया। हमने कर्तव्य पथ का भी विकास किया, तो इन्होंने उसका भी विरोध किया।
अगस्त क्रांति का महीना
उन्होंने कहा, ‘9 अगस्त वह तारीख है, जब ऐतिहासिक क्विट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत हुई थी। महात्मा गांधी ने यह मंत्र दिया था और क्विट इंडिया मूवमेंट ने स्वतंत्रता की तरफ भारत के कदमों में नई ऊर्जा पैदा कर दी थी। इसी से प्रेरित होकर आज पूरा देश हर बुराई के लिए कह रहा है क्विट इंडिया। चारों तरफ एक ही गूंज है, भ्रष्टाचार क्विट इंडिया। परिवारवाद क्विट इंडिया, तुष्टिकरण क्विट इंडिया। आओ इस क्रांति के महीने में हम सभी हिंदुस्तानी 2047 तक भारत को विकसित बनाने का संकल्प लें।’
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