महुआ मोइत्रा के वकील केस से हटे: मामला बाहर सेटलमेंट करने का आरोप था

<p><em><strong>सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई ने महुआ मोइत्रा के वकील पर सेटलमेंट करने का आरोप लगाया था। मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप भी देहाद्राई ने ही लगाया है।&nbsp;</strong></em></p>

महुआ मोइत्रा के वकील केस से हटे: मामला बाहर सेटलमेंट करने का आरोप था
21-10-2023 - 11:17 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के आरोप में घिरीं टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के वकील गोपाल शंकरनारायणन केस की सुनवाई से हट गए हैं। महुआ ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्राई के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था, जिस पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान ही वकील जय अनंत देहाद्राई ने जज के सामने कहा कि महुआ के वकील गोपाल शंकरनारायणन ने मुझे गुरुवार रात को फोन किया था। उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या बाहर समझौता हो सकता है?
इस पर जस्टिस सचिन दत्ता ने कहा कि वह हैरान हैं कि वकील शंकरनारायणन ने मीडिएटर की भूमिका निभाने की कोशिश की। क्या वह अभी भी इस केस में पेश होने के पात्र हैं? जस्टिस ने कहा, यह कुछ ऐसा है, जिसका जवाब आपको खुद देना होगा। यह आपका फैसला है। इसके बाद शंकरनारायणन ने मामले से खुद को अलग कर लिया।
महुआ मोइत्रा ने कोर्ट से मीडिया हाउस और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उनके खिलाफ अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने और प्रसारित करने पर रोक लगाने की भी मांग की है। अब इस पर 31 अक्टूबर को सुनवाई होगी।
उधर, लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने शुक्रवार को बताया कि उसे उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी का हलफनामा मिल गया है। हीरानंदानी ने ही गुरुवार को कहा था कि उन्होंने संसद में सवाल पूछने के लिए तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को रिश्वत दी थी। कमेटी ने कहा कि वे मामले की जांच कर रहे हैं।
महुआ और देहाद्राई के बीच कुत्ते को लेकर भी विवाद
महुआ और देहाद्राई के बीच तीन साल के रॉटवीलर ब्रीड के कुत्ते की कस्टडी को लेकर भी विवाद है। इस रॉटवीलर कुत्ते का नाम हेनरी है, जो फिलहाल महुआ के पास है। जय अनंत देहाद्राई इस कुत्ते की कस्टडी अपने पास चाहते हैं। देहाद्राई ने 20 अक्टूबर को आरोप लगाया है कि महुआ ने कहा है कि वे हेनरी को उन्हें लौटा देंगी, अगर वह कथित ‘सवाल पूछने के बदले कैश लेने’ के मामले में हीरानंदानी ग्रुप के साथ उनके संबंधों को लेकर सीबीआई को की गई शिकायत वापस ले लेते हैं।
जय अनंत देहाद्राई ने क्या कहा?
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर देहाद्राई ने लिखा, ‘कल दोपहर हेनरी के बदले मुझे सीबीआई को की गई शिकायत और निशिकांत दुबे को लिखे पत्र को वापस लेने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। मैंने साफ कर दिया और कहा कि मैं सीबीआई को जानकारी दूंगा।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मैसेज करने वाला बेहद मासूम है, लेकिन वह अपने बारे में सबकुछ उजागर कर रहा है।’ महुआ और देहाद्राई दोनों ने ही एक दूसरे पर हेनरी को चुराने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस में केस भी दर्ज करवाया गया है।
महुआ बोलीं- भाजपा का एजेंडा, मुझे लोकसभा से बाहर करना
एथिक्स कमेटी के चेयरमैन मीडिया से खुलकर बात कर रहे हैं। जरा आप लोकसभा रूल्स भी देख लीजिए। इसमें साफ लिखा है कि जब कोई भी एविडेंस कमेटी के सामने रखे जाते हैं तो कमेटी मेंबर या कोई और व्यक्ति उन्हें पब्लिश नहीं कर सकता। मैं जानना चाहती हूं कि हलफनामा मीडिया में कैसे आ गया? चेयरमैन को इसकी इंक्वायरी करानी चाहिए। भाजपा का एक ही एजेंडा है- मुझे लोकसभा से बाहर किया जाए, ताकि मैं अडाणी पर बात ना कर सकूं।
क्या है पूरा मामला
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने 15 अक्टूबर को लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला को चिट्ठी लिखी थी। इसमें उन्होंने महुआ पर आरोप लगाए थे कि महुआ ने संसद में सवाल पूछने के लिए पैसे और तोहफे लिए थे। इस मामले को स्पीकर ने एथिक्स कमेटी को भेज दिया है।  महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा की एथिक्स कमेटी 26 अक्टूबर को सुनवाई करेगी। इसके लिए कमेटी ने निशिकांत दुबे को बुलाया है। लोकसभा के डिप्टी सेक्रेटरी बाला गुरु ने दुबे को नोटिस जारी करते हुए ये जानकारी दी। निशिकांत सुनवाई में मौजूद रहेंगे या नहीं, इसे लेकर उन्हें 20 अक्टूबर तक जवाब देने को कहा गया है। ये सुनवाई संसद के कमेटी रूम में होगी।
एथिक्स कमेटी का क्या रोल है
एथिक्स कमेटी महुआ मोइत्रा को समन देकर पेश होने को कह सकती है। उनसे पूछताछ कर सकती है। आरोप लगाने वाले सांसद निशिकांत दुबे से सबूत मांग सकती है। अगर मोइत्रा दोषी साबित होती हैं तो उनकी सदस्यता भी जा सकती है। लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने काम शुरू कर दिया है। बुधवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और वकील जय अनंत देहाद्राई को मौखिक सबूत देने के लिए गुरुवार 26 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है।
आरोप सही साबित हुए, तो महुआ को सजा क्या मिलेगी
जिस भी सांसद पर ऐसे आरोप लगते हैं उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाता है। कमेटी आरोप लगाने वालों को भी समन देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है। कमेटी जांच करेगी कि क्या ये किसी खास के हित में या उसके बिजनेस को लाभ पहुंचाने के लिए पूछे गए हैं। पूरी जांच कर एथिक्स कमेटी अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष को देगी। अगर इसमें किसी भी तरह की सजा की सिफारिश की जाती है तो संसद में रिपोर्ट रखे जाने के बाद सहमति के आधार पर उस सांसद के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है। वहीं स्पीकर को भी ये अधिकार है कि वो सेशन नहीं चल रहा हो तो कार्रवाई को लेकर फैसला ले सकते हैं।

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।