मास्साब मोदी ने अपने मंत्रियों से मांग लिया हिसाब..!

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मास्साब मोदी ने अपने मंत्रियों से मांग लिया हिसाब..!
24-08-2022 - 09:51 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मामलों में औरों से अलग हैं। 'परिश्रम' उनका मूल मंत्र है लेकिन वे 'स्मार्ट लेबर' पर जोर देते हैं। वे कहते भी हैं कि सिर्फ योजना और उसका प्रचार करने भर से काम नहीं चलने वाला, उसे तय समय में पूरा करना सर्वोच्च लक्ष्य होना चाहिए। इसके लिए मंत्री हों या अधिकारी, उन्हें काम सौंपते हैं और मियाद पूरी होने पर उनसे हिसाब भी मांगते हैं। अक्सर ऐसा होता है कि काम कहां तक पहुंचा, इसका ब्योरा भी मांग लेते हैं। याद कीजिए पिछले वर्ष नवंबर में उन्होंने 77 मंत्रियों के अपने पूरे मंत्रिपरिषद को आठ समूहों में बांट दिया था। अब वो सभी समूहों से पूछ रहे हैं कि कौन-कौन से काम पूरे हुए और जो तरीके बताए गए, उनका पालन हो रहा है या नहीं?
केंद्रीय मंत्रियों को दिया टास्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों और उनके विभागों के काम-काज में पारदर्शिता लाने के साथ-साथ उनके काम करने की गति बढ़ाने के लिए 77 मंत्रियों का 8 अलग-अलग समूह बना दिया गया। हर समूह में 9 से 10 मंत्रियों को शामिल किया गया। जुलाई 2021 में मंत्रिपरिषद का विस्तार करने के बाद इसकी लगातार पांच बैठकें हुईं। इन्हें चिंतन शिविर का नाम दिया गया था। इन बैठकों के विषय भी अलग-अलग थे, मसलन- व्यक्तिगत दक्षता, केंद्रित कार्यान्वयन, मंत्रालय के कामकाज और हितधारक से जुड़ाव, पार्टी के साथ समन्वय एवं प्रभावी संचार और आखिर में संसदीय प्रथाओं की समझ और उनका सम्मान। प्रधानमंत्री ने हर बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्रियों से नये-नये आइडियाज मांगे। उन्होंने पूछा था कि आखिर सरकार को किन कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उसे फटाफट पूरा करने की क्या रणनीति अपनानी होगी? प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को समझाया कि कैसे पार्टी संगठन की मदद लेकर सरकारी कामकाज को न केवल समय-सीमा में जमीन पर उतारा जा सकता है बल्कि लक्षित समूह तक उनका लाभ भी पहुंचाया जा सकता है।
जिलों के डीएम से खुद बात करते हैं पीएम
केंद्र सरकार ने विकास के नजरिये से देश के पिछड़े जिलों को चिन्हित किया है और वहां जरूरी सुविधाएं कम से कम वक्त में मुहैया कराने का अभियान छेड़ रखा है। ऐसे जिलों में कार्य की प्रगति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री खुद जिलों के डीएम से बात करते हैं।

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।