डीएमके ने राज्यसभा में महिला आरक्षण पर प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया, तुरंत लागू करने की मांग
Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के सांसद P Wilson ने शनिवार को राज्यसभा में एक निजी सदस्य (प्राइवेट मेंबर) के रूप में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक में लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या में बदलाव किए बिना और बिना परिसीमन (delimitation) या नई जनगणना के, अगले चुनाव से ही महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव..
नयी दिल्ली। Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) के सांसद P Wilson ने शनिवार को राज्यसभा में एक निजी सदस्य (प्राइवेट मेंबर) के रूप में संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। इस विधेयक में लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या में बदलाव किए बिना और बिना परिसीमन (delimitation) या नई जनगणना के, अगले चुनाव से ही महिलाओं को आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया है।
यह विधेयक राज्यों की विधानसभाओं, National Capital Territory of Delhi, Puducherry और Jammu and Kashmir में भी महिलाओं को आरक्षण देने की बात करता है, वह भी बिना सीटों की संख्या बढ़ाए या परिसीमन कराए।
पी. विल्सन ने कहा कि यह आरक्षण अस्थायी नहीं, बल्कि स्थायी रूप से लागू किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही, राज्यसभा में नियम 267 के तहत सभापति को नोटिस दिया गया है, जिसमें दिन की कार्यवाही स्थगित कर महिला आरक्षण पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की गई है। प्रस्ताव में कहा गया है कि महिला आरक्षण को बिना परिसीमन और जनगणना के तुरंत लागू किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि संसद द्वारा 2023 में पारित The One Hundred and Sixth Constitutional Amendment Act, 2023 (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है।
वहीं, इस बीच भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार लोकसभा में उस संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने में विफल रही, जिसे महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़कर लागू करने का प्रस्ताव था। इस विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका। मतदान में 298 सदस्यों ने समर्थन किया, जबकि 230 सदस्यों ने विरोध किया, जिसके चलते यह विधेयक गिर गया।
लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने पुष्टि की कि विधेयक आवश्यक संवैधानिक बहुमत हासिल नहीं कर पाया। सरकार ने इस विषय से जुड़े तीन विधेयक पेश किए थे, जिनमें परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक शामिल थे, लेकिन बाद में संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने कहा कि शेष विधेयकों को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने जैसे अहम सुधार में बाधा डाल रहा है।
वहीं, विपक्षी नेताओं, जिनमें Rahul Gandhi भी शामिल हैं, ने कहा कि वे महिला आरक्षण का समर्थन करते हैं, लेकिन इसे परिसीमन से जोड़ने का विरोध करते हैं। उनका आरोप है कि यह कदम भारत की चुनावी संरचना को बदलने की कोशिश है।
यह विशेष संसदीय सत्र Tamil Nadu और West Bengal में चल रहे विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच बुलाया गया था।
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