पीएम मोदी के निर्देश पर भारत की ओर से तुर्की को राहत कार्य के लिए हर संभव सहायता..!
<p><em>दक्षिणपूर्वी तुर्की और सीरिया में सोमवार को तड़के आए भूकंप से हजारों की मौत हो गई और अनेक लोग घायल हो गये हैं। कई इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं और मलबे में लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। इस महाविनाश के बाद भारत की ओर से राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ते और आवश्यक उपकरण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दोनों टीमों में 100 कर्मी शामिल हैं|</em></p>
भूकंप से दहले तुर्की में तलाश-राहत टीमें और राहत सामग्री भेज रहा है भारत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तुर्की में आए भूकंप में लोगों की मौत पर सोमवार को शोक व्यक्त किया और कहा कि भारत इस त्रासदी से निपटने में मदद के लिए हरसंभव सहायता देने को तैयार है। दक्षिणपूर्वी तुर्की और सीरिया में सोमवार को तड़के आए भूकंप से हजारों की मौत हो गई और अनेक लोग घायल हो गये हैं। कई इमारतें मलबे में तब्दील हो चुकी हैं और मलबे में लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है। इस महाविनाश के बाद भारत की ओर से राहत व बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें, विशेष रूप से प्रशिक्षित श्वान दस्ते और आवश्यक उपकरण भूकंप प्रभावित क्षेत्र में उड़ान भरने के लिए तैयार हैं। दोनों टीमों में 100 कर्मी शामिल हैं|
प्रधानमंत्री मोदी ने तुर्की के राष्ट्रपति को संकट में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया था। इसके बाद पीएमओ को तुरंत त्वरित योजना बनाने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री के निर्देश के बाद प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा ने तत्काल राहत उपायों पर चर्चा करने के लिए साउथ ब्लॉक में बैठक की। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, यह निर्णय लिया गया कि राहत सामग्री के साथ राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) और चिकित्सा दलों को तुर्की गणराज्य की सरकार के समन्वय से तुरंत तुर्की भेजा जाएगा।
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पीएमओ ने कहा कि आवश्यक दवाओं के साथ प्रशिक्षित डॉक्टरों और पैरामेडिक्स के साथ मेडिकल टीमों को भी तैयार किया जा रहा है। राहत सामग्री तुर्की गणराज्य की सरकार और अंकारा में भारतीय दूतावास और इस्तांबुल में महावाणिज्य दूतावास कार्यालय के समन्वय से भेजी जाएगी। बैठक में कैबिनेट सचिव, गृह मंत्रालय, एनडीएमए, एनडीआरएफ, रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, नागरिक उड्डयन और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
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