लोकसभा से सदस्यता खो चुके मो. फैज़ल की फिर से हुई सदन में बहाली, मिला था 10 साल सश्रम कारावास..अब हैं पाक साफ़
<p><em>लक्षद्वीप से एनसीपी लोकसभा सांसद मोहम्मद फ़ैज़ल की संसद सदस्यता फिर से बहाल कर दी गई । लोकसभा सचिवालय ने नोटिफ़िकेशन जारी किया है। इस बारे में केरल हाईकोर्ट ने निर्देश जारी किया था। मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होनी थी, जिससे पहले लोकसभा सचिवालय ने संसद सदस्यता फिर से बहाल कर दी। </em></p>
मोहम्मद फ़ैज़ल लक्षद्वीप से एनसीपी सांसद हैं और उन्होंने संसद सदस्यता रद्द किए जाने के मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। केरल हाईकोर्ट ने फ़ैज़ल को 10 साल की सज़ा के मामले में रोक लगाई थी। लोकसभा सचिवालय ने आज एक अधिसूचना जारी की है। सांसद की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट पर सुनवाई भी होनी थी। लेकिन, सुनवाई से पहले भी लोकसभा की अधिसूचना जारी हो गई है।
क्या राहुल गाँधी देंगे हाई कोर्ट में चुनौती
इस मामले के बाद राहुल गांधी की सदस्यता पर भी बात होने लगी है। एक तरफ जहां निश्चित तौर पर कांग्रेसियो में ख़ुशी का माहौल होगा वही, लोगो का कहना है कि राहुल गांधी को भी मामले में हाई कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दे देनी चाहिये।
क्या था मामला?
11जनवरी 2009 को लक्षद्वीप में शेड के निर्माण पर बहस के बाद दो समूहों में मारपीट हुई। आरोप में कहा गया कि फैजल ने लोगों के एक समूह का नेतृत्व किया, जिसने सालिह पर हमला किया और एक उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। सालिह को केरल ले जाया गया, जहां वह महीनों तक अस्पताल में भर्ती रहा। लक्षद्वीप की एक अदालत ने हत्या के प्रयास के मामले में एनसीपी सांसद मोहम्मद फैज़ल को दस साल की सज़ा सुनाई थी।
इस मामले में कुल 23 आरोपी थे, जिसमें से 4 को दोषी ठहराया गया। फैजल को अपने रिश्तेदार मोहम्मद सालिह पर हमला करने का दोषी ठहराया गया। दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। फैजल ने कहा कि यह ‘राजनीति से प्रेरित’ मामला बताया था।
What's Your Reaction?