पीएम मोदी ने की 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान की घोषणा: अमृत वाटिका तक होगी अमृत कलश यात्रा
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले देश के शहीद सैनिकों के सम्मान में 'मेरी माटी मेरा देश' अभियान की घोषणा की है। मेरी माटी मेरा देश अभियान का मुख्य आकर्षण 'अमृत कलश यात्रा' होगी जो पूरे देश में आयोजित होने जा रही है। रविवार को इस 'मन की बात' रेडियो कार्यक्रम के ताजा एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि यह अभियान 9 अगस्त से 15 अगस्त तक चलाया जाएगा।</p>
पीएम मोदी ने कहा कि आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे आजादी का अमृत महोत्सव, सरकार की पहल के बीच देश भर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अभियान के तहत ग्रामीण इलाकों में शहीदों की याद में शिलालेख लगाए जाएंगे।
मुख्य आकर्षण होगा 'अमृत कलश यात्रा'
मेरी माटी मेरा देश अभियान का मुख्य आकर्षण 'अमृत कलश यात्रा' होगी जो पूरे देश में आयोजित होने जा रही है। यह यात्रा देश के विभिन्न हिस्सों से 7500 कलशों में मिट्टी लेकर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर एकत्रित होगी। यात्रा देश के विभिन्न कोनों से पौधे भी लेकर आएगी।
बनायीं जाएगी अमृत वाटिका
पीएम मोदी ने यह भी उल्लेख किया कि नई दिल्ली में इंडिया गेट पर राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पास अमृत कलश यात्रा के माध्यम से आए मिट्टी और पौधों को मिलाकर एक 'अमृत वाटिका' बनाई जाएगी। पीएम मोदी ने कहा, यह अमृत वाटिका 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' का भव्य प्रतीक होगी।
मेरी माटी मेरा देश अभियान
प्रधान मंत्री ने यह भी कहा कि मेरी माटी मेरा देश अभियान में भाग लेते हुए, देश आने वाले 25 वर्षों के अमृत काल के लिए 'पंच प्राण' को पूरा करने की शपथ लेगा। पीएम मोदी ने पिछले साल के 'हर घर तिरंगा' अभियान को याद करते हुए सभी नागरिकों से इस स्वतंत्रता दिवस पर भी अपने घरों और कार्यस्थलों पर तिरंगा फहराने का आग्रह किया।पीएम मोदी के मुताबिक, ये प्रयास लोगों को उनके कर्तव्यों का एहसास कराएंगे और देश के लिए स्वतंत्रता सेनानियों द्वारा किए गए बलिदान को याद करते हुए स्वतंत्रता को महत्व देने के लिए प्रेरित करेंगे।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि आजादी का अमृत महोत्सव के जश्न के दौरान देश में दो लाख कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जैसे दिव्यांग लेखकों के लिए लेखकों की बैठक और आंध्र प्रदेश के तिरूपति में आयोजित राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन आदि।
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