S Jaishankar Europe : यूरोप का कानून पढ़ लें... रूसी तेल पर जयशंकर के करारे जवाब से यूरोपीय संघ की बोलती बंद

<p><strong>EU On Russia india Oil Trade :&nbsp;<em>यूरोपियन यूनियन (ईयू) की तरफ से मांग की गई है कि उसे रूस से आने वाले तेल को रिफाइंड करके उसे बेचे जाने पर आपत्ति है। ईयू का कहना है कि भारत उसे इस तरह से जो तेल बेच रहा है, उस पर रोक लगाने की जरूरत है।</em></strong></p>

S Jaishankar Europe : यूरोप का कानून पढ़ लें... रूसी तेल पर जयशंकर के करारे जवाब से यूरोपीय संघ की बोलती बंद
18-05-2023 - 08:21 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

पिछले एक साल से रूस से होने वाले तेल के व्यापार पर अंकुश लगाने की कोशिशें कर रहा यूरोपियन यूनियन इसमें नाकाम रहा तो अब भारत पर निशाना साध रहा है। लेकिन भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बयान देकर उनकी बोलती बंद कर दी है। 

विदेश नीति पर ईयू के सर्वोच्च प्रतिनिधि जोसेप बोरेल ने कहा था कि जो भारतीय रिफाइनरीज रूस से आने वाले कच्चे तेल को प्रोसेस करके यूरोप को बेच रही हैं, उन पर कार्रवाई करनी चाहिए। इस पर जयशंकर ने अपने ही अंदाज में ईयू को नियमों की याद दिलाई और बोरेल को चुप करा दिया।

जयशंकर ने याद दिलाया कौनसा नियम
दरअसल बोरेल ने फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा था कि ईयू को मालूम है कि भारतीय रिफाइनरीज भारी मात्रा में रूस ये कच्चा तेल खरीद रही हैं। फिर इसे प्रोसेस करके यूरोप को बेच रही हैं। इस पर ईयू को कड़ा कदम उठाने की जरूरत है। इसके बाद जयशंकर ने बोरेल को ईयू काउंसिल के नियम खासतौर पर 833/2014 की याद दिलाई। इस नियम के तहत यह स्पष्ट है कि रूस से आने वाला कच्चा तेल अगर किसी तीसरे देश में प्रॉसेस से गुजरता है तो फिर उसे रूसी तेल नहीं समझा जाएगा।
मुलाकात से पहले दिखाया आईना
जयशंकर ने बोरेल से मुलाकात के पहले यह बयान दिया और उनका यह बयान अब तालियां बटोर रहा है। बोरेल ने कहा था, अगर डीजल या पेट्रोल यूरोप में दाखिल हो रहा है और भारत से आ रहा है और रूसी तेल के साथ प्रॉसेस्ड उत्पादित किया जा रहा है, यह निश्चित रूप से प्रतिबंधों का उल्लंघन है और सदस्य देशों को इससे निबटना होगा। 
सटीक जवाब से कर दिया लाजवाब
जयशंकर ने बोरेल के हर आरोप को खारिज कर दिया। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस पर खास प्रतिक्रिया दी। जयशंकर ने कहा, ‘मुझे आपके सवाल का कोई आधार नजर नहीं आता। क्योंकि मुझे जहां तक परिषद के नियमों की समझ है, उसके मुताबिक अगर रूस का कच्चा तेल किसी तीसरे देश में बदला जा रहा है या तब्दील किया जा रहा है तो फिर यह रूसी तेल नहीं समझा जाएगा।’
रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार
ब्रसेल्स में बोरेल को जयशंकर से ट्रेड टेक्नोलॉजी वार्ता के सिलसिले में मुलाकात करनी थी। मगर वह इससे पहले आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह पर कार्यकारी वीपी मारग्रेथ वेस्टेगर ने शिरकत की। मारग्रेथ ने कहा कि प्रतिबंधों पर कानूनी आधार पर किसी को कोई शक नहीं होना चाहिए। ईयू और भारत ने इस पर दोस्तों की तरह चर्चा की है। रूस-यूक्रेन जंग के बाद से ही भारत, रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में से एक बन गया है।

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।