क्रीमिया पुल उड़ाया, रूस ने यूक्रेन पर बरसाई मिसाइलें...ये तीसरे विश्व युद्ध की आहट तो नहीं?
<p><em><strong>रूस ने कीव, लवीव और खारकीव सहित पूरे यूक्रेन में 83 मिसाइलें दागीं। ये हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब दो दिन पहले रूसी शान के प्रतीक क्रीमिया पुल पर धमाका हुआ था। क्रेमलिन ने इसके पीछे यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है।</strong></em></p>
पीएम मोदी समेत कुछ नेताओं के प्रयासों से शांति की ओर बढ़ रहे रूस-यूक्रेन युद्ध ने सोमवार, 10 अक्टूबर को एक नया मोड़ लिया, जब रूस ने कीव, लवीव और खारकीव सहित पूरे यूक्रेन में 83 मिसाइलें दागीं। ये हमले ऐसे समय पर हुए हैं जब दो दिन पहले रूसी शान के प्रतीक क्रीमिया पुल पर धमाका हुआ था। क्रेमलिन ने इसके पीछे यूक्रेन को जिम्मेदार ठहराया है। रूस के इस कदम से युद्ध और भड़कने के साथ-साथ तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका गहरा गई है।
इस बारे में एक जाने माने रक्षा विशेषज्ञ कहते हैं कि इस तरफ सोचना भी नहीं चाहिए और न ही कोई कदम उठाना चाहिए। इसे गंभीरता से लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि यूक्रेन इस लड़ाई के बाद बर्बाद हो जाएगा।
चुप नहीं रहेगा शक्तिशाली रूस
एक्सपर्ट के अनुसार रूस ने अभी सिर्फ पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट किया है। लेकिन आखिर रूस कैसे चुप रहेगा जब उसके खिलाफ इतना बड़ा खतरा पैदा किया जा रहा है। क्या अमेरिका चुप रहेगा अगर रूस या चीन कनाडा में एक बेस बना दें? युद्ध को लेकर पश्चिमी देशों के कई दृष्टिकोण हैं जिसमें सबसे बड़ा दृष्टिकोण उनके हथियार उद्योग का है।
जाॅनसन भड़का आए आग
पश्चिम पर निशाना साधते हुए एक्सपर्ट का कहना है कि लड़ाई शुरू होने के एक महीने बाद पुतिन और जेलेंस्की के बीच जंग खत्म करने और समझौते को लेकर कुछ बातचीत हुई थी लेकिन ब्रिटेन के तत्कालीन पीएम बोरिस जॉनसन वहां गए, उस बातचीत में बाधा डाली और उस समझौते को खत्म करवाकर आ गए। उनका असली मुद्दा है कि यह लड़ाई चलती रहे और रूस कमजोर हो जाए।
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