नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट ने दी केंद्र को क्लीन चिट... 1,000 और 500 के नोटों को बंद करने कि प्रक्रिया में कोई खामी नहीं, सब कुछ कानून के दायरे में किया गया 

<p><br /> सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने सोमवार को 1,000 और 500 रुपये के नोटों को चलन से बाहर करने&nbsp;को सही ठहराते हुए&nbsp; केंद्र सरकार के 2016 के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया।</p>

नोटबंदी पर सुप्रीम कोर्ट ने दी केंद्र को क्लीन चिट... 1,000 और 500 के नोटों को बंद करने कि प्रक्रिया में कोई खामी नहीं, सब कुछ कानून के दायरे में किया गया 
03-01-2023 - 04:54 PM
21-04-2026 - 12:04 PM

नोटबंदी के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए पांच जजों की संवैधानिक बेंच ने अहम फैसला सुनाया। पीठ की  अध्यक्षता कर रहे जस्टिस एस अब्दुल नजीर के अलावा जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस एएस बोपन्ना, जस्टिस वी रामासुब्रमण्यन और जस्टिस बीवी नागरत्ना की संविधान पीठ ने केंद्र सरकार की 2016 की नोटबंदी कवायद को चुनौती देने वाली दलीलों पर अपना फैंसला सुनाया कि इस फैसले में आरबीआई एक्ट के सेक्शन 26(2) का पूरी तरह से पालन किया गया। छह महीने तक सरकार और आरबीआई के बीच इस मसले को लेकर बातचीत हुई और इसके बाद फैसला लिया गया। 

बहुमत की राय देते हुए न्यायमूर्ति गवई ने कहा,"यह माना गया है कि आर्थिक महत्व के मामलों में हस्तक्षेप करने से पहले बहुत संयम बरतना पड़ता है ... हम इस तरह के विचारों को न्यायिक के साथ नहीं बदल सकते। केंद्र और आरबीआई के बीच 6 महीने की अवधि के लिए परामर्श किया गया था। हम मानते हैं कि इस तरह के उपाय को लाने के लिए एक उचित सांठगांठ थी, और हम मानते हैं कि आनुपातिकता के सिद्धांत से विमुद्रीकरण प्रभावित नहीं हुआ था।"

सुप्रीम कोर्ट ने इससे जुड़ी सभी 58 याचिकाओं को खारिज करते कहा कि इस तरह के उपाय को लाने के लिए दोनों के बीच एक समन्वय था। कोर्ट ने कहा है कि नोटबंदी की प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी नहीं हुई है। आरबीआई के पास विमुद्रीकरण (demonitisation )लाने की कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है और केंद्र और आरबीआई के बीच परामर्श के बाद यह निर्णय लिया गया।

हालांकि सोमवार को सुनाए गए नोटबंदी के फैसले में अपने असहमतिपूर्ण मत में, सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा  केंद्र सरकार द्वारा भेजे गए विमुद्रीकरण प्रस्ताव पर विचार करते समय भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से दिमाग नहीं लगाया गया था।
 

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।