Surya Grahan 2022 : आज शाम साढ़े चार बजे से, चल रहा है सूतक काल
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Surya Grahan 2022 :
इस वर्ष 2022 का आखिरी Surya Grahan आज यानी मंगलवार 25 अक्टूबर को भारतीय समयानुसार शाम 04:28 बजे से शुरू होगा और इसका समापन शाम 05:30 बजे होगा। स्थान के आधार पर इसके प्रारंभ और समापन के समय में थोड़ा बहुत परिवर्तन हो सकता है। Surya Grahan के चलते देश भर में नदियों के किनारे लोग स्नान के लिए पहुंच रहे हैं और विभिन्न मंदिरों और मठों के द्वार बंद कर दिये गये हैं। ग्रहण काल के दौरान अनेक लोग पितरों का तर्पण करने के लिए नदियों के घाट पर पहुंच रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जब सूर्य, चंद्रमा और पृथ्वी एक सीध में होते हैं या कहें कि सूर्य तथा पृथ्वी के बीच चंद्रमा आ जाता है तो Surya Grahan की स्थिति बनती है।
भारत में यह एक आंशिक सूर्य ग्रहण है। यह देश के दिल्ली, बेंगलूरु, उज्जैन, कोलकाता, वाराणसी, मथुरा, जयपुर सहित कई शहरों में दिखाई देगा। यह सूर्य ग्रहण यूरोप, एशिया और उत्तरी-पूर्वी अफ्रीका के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा।
प्रमुख शहरों में Surya Grahan का समय
- नई दिल्ली- शाम 04:28 बजे से शाम 05:42 बजे
- मथुरा- शाम 04:31 बजे से शाम 05:41 बजे
- चंडीगढ़- शाम 04:23 बजे से शाम 05:41 बजे
- जयपुर- शाम 04:31 बजे से शाम 05:50 बजे
- लखनऊ- शाम 04:36 बजे से शाम 05:29 बजे
- अहमदाबाद- शाम 04:38 बजे से शाम 06:06 बजे
- पटना- शाम 04:42 बजे से शाम 05:14 बजे
- भोपाल- शाम 04:42 बजे से शाम 05:47 बजे
- मुंबई- शाम 04:49 बजे से शाम 06:09 बजे
- नागपुर- शाम 04:49 बजे से शाम 05:42 बजे
- पुणे- शाम 04:51 बजे से शाम 06:06 बजे
- कोलकाता- शाम 04:51 बजे से शाम 05:04 बजे
- हैदराबाद- शाम 04:58 बजे से शाम 05:48 बजे
- बेंगलूरु- शाम 05:12 बजे से शाम 05:56 बजे
- चेन्नई- शाम 05:13 बजे से शाम 05:45 बजे
Surya Grahan का सूतक काल
आज के Surya Grahan सूतक काल सुबह: 03 बजकर 17 मिनट से शुरू हो गया है। Surya Grahan 2022 के समापन के साथ ही सूतक काल का समापन होगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे या 09 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है। सूर्य ग्रहण का सूतक काल ग्रहण समय से 12 घंटे पहले से शुरू हो जाता है, जबकि चंद्र ग्रहण में सूतक काल 09 घंटे पूर्व प्रारंभ होता है।
सूतक अवधि को अशुभ समय मानते हैं और इसीलिए इस दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक या शुभ कार्य नहीं किये जाते हैं। ग्रहण के समापन के कुछ समय बाद सूतक काल का भी समापन होता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूतक काल में इन बातों का ध्यान रखें
1. सूतक काल के समय में सोना वर्जित होता है।
2. इस समय में भोजन नहीं करना चाहिए।
3. सूतक काल के समय में आप अपने इष्ट देव के नाम का जप कर सकते हैं। इस समय में मंदिर के कपाट बंद रहते हैं.
4. सूतक काल में गर्भवती महिलाओं को भी विशेष ध्यान रखना होता है. उनको नुकीली वस्तुओं जैसे सुई, कैंची, चाकू आदि का उपयोग किसी काम में नहीं करना चाहिए।
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