वर्ष 2024 से पहले ही उत्तर प्रदेश की सड़कों का नेटवर्क अमरीका के बराबर होगाः गडकरी

वर्ष 2024 से पहले ही उत्तर प्रदेश की सड़कों का नेटवर्क अमरीका के बराबर होगाः गडकरी
09-10-2022 - 08:35 AM
21-04-2026 - 12:04 PM

साल 2024 से पहले ही उत्तर प्रदेश में सड़कों का नेटवर्क अमरीका के बराबर हो जाएगा। इसके लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय पांच लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं देगा। इस वक्तव्य के साथ केंद्रीय परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस अभियान की शुरुआत करते हुए 8 हजार करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं को भी मंजूरी दे दी।

उल्लेखनीय है कि लखनऊ में शुक्रवार, 8 अक्टूबर से इंडियन रोड कांग्रेस का 81वां अधिवेशन चल रह है। इस अधिवेशन का उद्घाटन गडकरी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ किया। इस मौके पर  गडकरी ने कहा कि भारत को हमें पांच खरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है। इसके लिए हमें इस इंफ्रास्ट्रक्चर, उद्योग, निवेश और रोजगार के बीच के संबंधों को समझना होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर में यदि कमी होती है तो हम बाकी क्षेत्रों में भी पीछे हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्य में सरकार को इंजीनियरों का साथ चाहिए क्योकि  सभी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में इंजीनियरों की अहम भूमिका होती है।

गडकरी ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे का जिक्र करते हुए कहा कि पैसों से ज्यादा जरूरी इच्छाशक्ति है। इच्छाशक्ति न होने पर सारी योजनाएं कमेटियों में फंसकर रह जाती हैं। जो शोध जमीन पर न उतर रहा हो, उस रिसर्च पेपर के कोई मायने नहीं रह जाते। उन्होंने कहा कि वेस्ट (व्यर्थ) को वेल्थ (धन) में बदलने की कला का हमें अधिकाधिक प्रयोग करना होगा। निर्माण की गुणवत्ता बढ़ाने के साथ ही हमें उसकी कीमत को घटाना होगा। 

उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण की प्लास्टिक समेत सभी तकनीकों का इस्तेमाल करना होगा ताकि पर्यावरण के लिहाज से भी यह उचित रहे। अधिवेशन में आए प्रतिनिधियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हों कहा कि दुनिया के अन्य देशों में भी सबसे ज्यादा प्रशिक्षित युवा भारत के ही हैं। जापान के राजनेता तो यहां तक पूछते हैं कि क्या भारत के युवाओं में इंजीनियरिंग का कोई जीन है। गडकरी ने कहा कि जब उन्होंने मंत्रालय का चार्ज संभाला तब हाईवे की 3.85 लाख करोड़ की 485 परियोजनाएं बंद थीं, जिन्हें पारदर्शी और समयबद्ध व्यवस्था लागू करते हुए पूरा कराया। उन्होंने कहा कि वेस्ट के निस्तारण में भी पीपीपी मॉडल काफी सफल है, जिसे अपनाया जाना चाहिए।


गडकरी ने कहा कि पूरे देश में सड़कों का बेहतर नेटवर्क बन रहा है। सफर का समय काफी कम हो गया है। ऑटो सेक्टर 7.5 लाख करोड़ रुपये का है और इससे चार करोड़ रोजगार पैदा हो रहे हैं। सबसे ज्यादा जीएसटी इसी सेक्टर से आता है लेकिन ईंधन भी 70 लाख करोड़ रुपये का आयात करना पड़ता है। उन्होंने यूपी में इलेक्ट्रिक वाहनों के ज्यादा से ज्यादा उपयोग पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने आह्वान किया कि अगले पांच साल में यूपी में पेट्रोल-डीजल के वाहन समाप्त कर दो। इससे कम खर्च में पर्यावरण फ्रेंडली परिवहन उपलब्ध करवाया जा सकता है। पराली से ही काफी एथेनॉल व दूसरी चीजें पैदा हो सकती हैं जिनका इस्तेमाल निर्माण कार्यों में हो सकता है। कहा कि इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

गडकरी ने यह भी कहा कि हर साल देश में पांच लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1.5 लाख लोगों की मौत होती हैं। परियोजनाओं की डीपीआर (विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट) में अभी भी बहुत खामियां हैं। ऑडिट में एक-एक परियोजना में 50-60 तक खामियां निकल रही हैं इसलिए हर काम में पूर्णता (परफेक्शन) लाने की आवश्यकता है। निर्माण कार्य इस तरह से होने चाहिए कि 25 साल तक मेंटेनेंस पर कोई खर्च ही न हो।

 

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THE NEWS THIKANA, संपादकीय डेस्क यह द न्यूजठिकाना डॉट कॉम की संपादकीय डेस्क है। डेस्क के संपादकीय सदस्यों का प्रयास रहता है कि अपने पाठकों को निष्पक्षता और निर्भीकता के साथ विभिन्न विषयों के सच्चे, सटीक, विश्वसनीय व सामयिक समाचारों के अलावाआवश्यक उल्लेखनीय विचारों को भी सही समय पर अवगत कराएं।