शिरोमणि अकाली दल ने सुखबीर बादल का इस्तीफा स्वीकार किया
शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की वर्किंग कमेटी ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष के रूप में सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। पार्टी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा दिसंबर की शुरुआत में दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया।
नयी दिल्ली। शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) की वर्किंग कमेटी ने शुक्रवार को पार्टी अध्यक्ष के रूप में सुखबीर सिंह बादल का इस्तीफा स्वीकार कर लिया। पार्टी अधिकारियों के अनुसार, यह निर्णय अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह द्वारा दिसंबर की शुरुआत में दिए गए निर्देशों के बाद लिया गया।
वर्किंग कमेटी की बैठक पार्टी मुख्यालय में आयोजित की गई, जिसमें बादल का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार किया गया। इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद सुखबीर बादल ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद दिया।
सुखबीर बादल ने 16 नवंबर 2023 को अपना इस्तीफा पेश किया था। हालांकि, तब वर्किंग कमेटी ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था और उनसे इसे वापस लेने का अनुरोध किया था। कमेटी ने यहां तक कहा था कि अगर बादल अपने निर्णय पर अडिग रहते हैं, तो सभी सामूहिक रूप से इस्तीफा दे देंगे।
2 दिसंबर 2023 को अकाल तख्त द्वारा जारी आदेश में शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व को स्पष्ट रूप से निर्देश दिया गया कि वे सुखबीर बादल का इस्तीफा स्वीकार करें। यह आदेश 2007 से 2017 तक पंजाब में एसएडी के शासन के दौरान धार्मिक मामलों में बादल और अन्य नेताओं के कथित कुप्रबंधन के चलते दिया गया था।
30 अगस्त 2023 को अकाल तख्त, जो सिखों की सर्वोच्च धार्मिक सत्ता है, ने सुखबीर बादल को 'तंखैया' घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने निर्धारित धार्मिक प्रायश्चित पूरा किया।
सुखबीर बादल के इस्तीफे के बाद पार्टी के नेतृत्व में संभावित बदलाव की चर्चा शुरू हो गई है, जो पंजाब की राजनीति में नए समीकरण बनाने का संकेत देती है।
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