ईज़मायट्रिप संस्थापक का दावा: "हमारे दुश्मन जान रहे हैं हमारे सैनिक कहां उड़ान भर रहे हैं" – चीनी कनेक्शन पर उठे सवाल
ईज़मायट्रिप के सह-संस्थापक और चेयरमैन निशांत पिट्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी बात मजबूती से रखी है। उन्होंने एक ऐसे टिकट बुकिंग पोर्टल का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें भारतीय सेना के अधिकारियों को डिस्काउंट देने के बदले डिफेंस आईडी मांगने की बात सामने आई..
मुंबई। ईज़मायट्रिप के सह-संस्थापक और चेयरमैन निशांत पिट्टी ने एक बार फिर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मुद्दे को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी बात मजबूती से रखी है। उन्होंने एक ऐसे टिकट बुकिंग पोर्टल का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें भारतीय सेना के अधिकारियों को डिस्काउंट देने के बदले डिफेंस आईडी मांगने की बात सामने आई।
उन्होंने पोस्ट में लिखा, “हमारे दुश्मनों को पता चल रहा है कि हमारे सैनिक कहां जा रहे हैं।”
आरोप: MakeMyTrip पर चीनी दखल
निशांत पिट्टी ने अपने प्रतिद्वंद्वी पोर्टल MakeMyTrip पर निशाना साधते हुए एक Nasdaq फाइलिंग का स्क्रीनशॉट साझा किया, जिसमें Trip.com Group Limited (चीन आधारित कंपनी), Vanguard, और BlackRock जैसे संस्थानों को प्रमुख निवेशक बताया गया है।
उन्होंने दावा किया, “इस कंपनी में 50% डायरेक्टर्स का चीन से सीधा संबंध है।” “चुप्पी एक विकल्प नहीं है, जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो।”
MakeMyTrip की प्रतिक्रिया?
अब तक MakeMyTrip ने इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि, ANI की रिपोर्ट के अनुसार, MakeMyTrip ने भी हाल ही में तुर्किये और अज़रबैजान पर सभी प्रमोशंस और अनावश्यक यात्रा को रोक दिया है, जैसा कि EaseMyTrip पहले ही कर चुका था।
जनता का सवाल: ये सब अब क्यों?
पिट्टी की इस पोस्ट पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं आईं:
- कुछ लोगों ने कहा कि यह प्रतिस्पर्धा को नीचा दिखाने की चाल है।
- कुछ यूज़र्स ने पूछा, “जब यह चीनी दखल पहले से था, तो अब तक चुप क्यों थे?”
- एक यूज़र ने लिखा, “ये सब खुलासे भारत-पाक संघर्ष के समय ही क्यों आ रहे हैं?”
मुद्दा केवल प्रतिस्पर्धा का नहीं, डेटा सुरक्षा का भी
आज के डिजिटल युग में जहां हर नागरिक ऑनलाइन माध्यमों पर निर्भर है, टिकट बुकिंग जैसे पोर्टल्स पर डाली गई व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी का सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है – खासकर डिफेंस कर्मियों की।
निष्कर्ष:
- पिट्टी का दावा है कि चीनी नियंत्रण वाली कंपनियां भारतीय रक्षा कर्मियों की यात्रा की जानकारी हासिल कर सकती हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से चिंता का विषय है।
- MakeMyTrip की ओर से जवाब का इंतजार है, लेकिन सरकार या साइबर सुरक्षा एजेंसियों को अब इस मामले की पड़ताल करनी चाहिए।
- यह मामला केवल बिजनेस राइवलरी नहीं, बल्कि साइबर-इंटेलिजेंस और सुरक्षा से जुड़ा है।
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